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10 जून, 2026

यदि सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं का डिजिटाइजेशन हो जाए तो पेपर लिक की समस्या हमें खत्म हो जाएगी : सिद्धांत दुबे


नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन, हिंदी मोर भवन, सीताबर्डी, नागपुर में उपक्रम चौपाल के अंतर्गत, संयोजक विजय तिवारी व सहसंयोजक हेमंत कुमार पांडे के मार्गदर्शन में दिनांक 8 जून को, 'प्रतियोगिता परीक्षाओं से होता है युवाओं के भविष्य से खिलवाड़' इस विषय के अंतर्गत चर्चा का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिद्धांत राजकुमार दुबे, अंतरिक्ष वैज्ञानिक उपस्थित थे।


चौपाल के परंपरा के अनुसार कार्यक्रम का आरंभ मां सरस्वती की वंदना के साथ किया गया। 
तत्पश्चा पद्मदेव दुबे व लक्ष्मीकांत कोठारी सम्मान चिन्ह व अंगवस्त्र प्रदान कर मुख्य अतिथि सिद्धांत राजकुमार दुबे का स्वागत किया। इसी तरह हेमंत कुमार पांडे राजकुमार दुबे का अंग वस्त्र प्रदान कर स्वागत किया।

शुरुआत में मदन गोपाल बाजपाई ने भूतकाल में अनेक प्रतियोगिता परीक्षाओं में पेपर लीक व घोटाले के बारे में चर्चा की व उन्होंने इसकी वजह किसी एक विषय या पद के लिए आकर्षण को कारणीभूत माना। 
डॉ. बच्चू पांडे ने अपने जीवन में आए अनेक अनुभवों के साथ प्रतियोगिता परीक्षाओं में आने वाली अड़चन सफलता, असफलता व इनसे निजात पाने के अनेक उपाय बताएं। 

एड. वाजपेई  ने पिछले कुछ वर्षों से चले आ रहे प्रतियोगिता परीक्षाओं में लिप्त एक विशेष विचारधारा के लोगों की लालच व किसी एक विशेष पद व व्यवसाय के लिए आकर्षण व अनेक मार्गो से इस अवसर को प्राप्त करने के लिए लोगों में एक होड़ सी लगी है, ऐसे उन्होंने अनेक उदाहरण पेश किए। उन्होंने यह भी बताया की यदि एक ही पेपर के अनेक सेट तैयार किए जाएं और किसी के पेपर के लीक होने पर तत्काल प्रभाव से पेपर को बदल दिया जाए तो, इस प्रकार की  व्यवस्था से जो विद्यार्थी  ईमानदारी से परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं, उनके साथ न्याय होने की संभावना है। 

डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने कहा प्रतियोगीता परीक्षाओं में धांधली हो जाने के बाद गरीब  घर के बच्चे पर इसका घातक परिणाम होता है। वे बच्चे कड़ी मेहनत‌ करके हताश‌ होकर आत्महत्या जैसी घटनाएं का कदम उठा लेते हैं।

मुख्य अतिथि ने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में बताया कि वर्तमान में किसी एक या विशेष विषय या व्यवसाय में विद्यार्थियों का तथा फलों का आकर्षण होना वह इसमें और सक्षम व असफल होने के बावजूद इसे प्राप्त करने की एक जिद प्रतियोगिता में धांधली में घोटाले का मुख्य कारण हो सकता है।

इसी के साथ  उन्होंने इंजीनियरिंग की राष्ट्रीय, राज्यीय प्रतियोगिता परीक्षाओं को डिजिटलाइज करने की बात कही व उन्होंने हर प्रकार की प्रतियोगिता परीक्षाओं को अगर डिजिटलाइसेशन कर दिया जाए तो, किसी भी प्रकार की पेपर लीक व अन्य प्रकार के धांधली व घोटाले को कुछ हद तक काम किया जा सकता है।
साथी उन्होंने युवाओं को और पलकों को भी किसी एक विषय में रुचि के साथ अनेक विषयों में पारंगत प्राप्त कर लक्ष्य पूरा करने व जीवन को आगे बढ़ाने के सुझाव दिए।

कार्यक्रम के अंत में कृष्ण कुमार द्विवेदी ने मुख्य अतिथि का उनके माता- पिता के साथ वक्ताओं और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री धीरज कुमार दुबे, लक्ष्मीकांत कोठारी, संजय शर्मा, अमरीश दुबे, लक्ष्मी नारायण केसकर, चरणदास कर्वे, राजकुमार दुबे, रजनी दुबे, माधुरी दुबे, अर्पिता दुबे, ओमप्रकाश कहाते, किशोरी रणवीर, शत्रुघ्न तिवारी, सुशील परिहार, इत्यादि ने अपना अमूल्य योगदान दिया