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14 फ़रवरी, 2026
मेरी वेलेंटाइन
दिल के तार बज उठते हैं,
जो तू महफ़िल में आती है,
रोशन होती है अंधेरी दुनिया,
जो तू मुस्काती- बलखाती है,
मतवाली ज़ुल्फ़ जो तेरी लहराती है,
नशेडी को नशा होता है
कुछ न कह मेरी वेलेंटाइन,
तेरी ख़ामोशी भी बातें करती हैं।
-
डॉ. शिवनारायण आचार्य
नागपुर, महाराष्ट्र
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