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29 मार्च, 2026

मायाजाल


अंधश्रद्धा का शोर है देखो 
भोंदू बाबाओ का जोर है देखो,
क्या नेता क्या अभिनेता 
सब बन नाचते मोर है देखो।

सब माया जाल में उलझे 
सबके मन में चोर है देखो,
स्वार्थ की नैया पार कराने अपनी
थामे कच्ची डोर है देखो।

कांच को तुमने हीरा समझा 
तन मन लहूलुहान है देखो,
पाप गठरिया देखो खुल गई 
इज्जत अब तार तार है देखो।

ईश्वर तो मन मन है समाया 
कर्म प्रभाव का सम्मान है देखो,
बगुला भगत से बच के रहना
मिलेगा जीते जी शमशान है देखो 
प्यार सम्मान की बहा दे जो नदियां
भगवान समाए हर इंसान में देखो l

- विवेक असरानी 
   नागपुर, महाराष्ट्र 
   8554993441