नागपुर/मुजफ्फरपुर। बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सिमरा गांव में साधारण परिवार में पले- बढ़े कुमार संदीप को जब अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच साहित्य अर्पण एक पहल द्वारा हिंदी गौरव सम्मान - 2026 से अलंकृत किया गया तो वास्तव में यह एहसास हुआ कि ऐसे युवा समाज की अनमोल निधि हैं। पिता के देहांत उपरांत भी कुमार संदीप ने अपने मन को टूटने नहीं दिया। अपनी कलम का हाथ थामकर पिता के देहांत उपरांत भी विगत दस बरसों से गुरु दीक्षा परिवार के माध्यम से ग्रामीण परिवेश के विद्यार्थियों के बीच ज्ञानदान में कुमार संदीप जुटे हैं। साथ ही अपनी लेखनी द्वारा समाज को एक बेहतर दिशा देने में लगे रहना इनके दैनिक क्रियाकलाप में सम्मिलित है।
हिंदी गौरव सम्मान - 2026 इनकी साहित्य के प्रति गहरी रुच, समर्पण और समाज के लिए किए जा रहे इनके द्वारा सत्कर्म के लिए दिया गया है।इन्होंने इस सम्मान के लिए साहित्य अर्पण एक पहल मंच का, अपने स्वर्गवासी पिता ब्रज किशोर मिश्र, जन्मदायिनी मां रीना देवी व ईश्वर का धन्यवाद ज्ञापित किया है। कुमार संदीप का कहना है कि जब तक मेरी सांसें हैं प्रयास करूंगा कि मन, कर्म, वचन से किसी को ठेस न पहुंचाऊं। बल्कि इनका उद्देश्य है कि समाज के लिए कुछ अच्छा करके अपनी ज़िंदगी को सार्थक करूं।
