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मुख्य समाचार

गरबा प्रतिभागियों ने बिखेरा रंग और उत्साह

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गुरु संगत दरबार में गरबा की धूम, विजेताओं को किया गया सम्मानित नागपुर। गुरु संगत दरबार, खामला में के.के. रास गरबा का भव्य आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। आयोजन में प्रतिभागियों ने पारंपरिक गरबा नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। रंग-बिरंगे परिधानों और गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय एवं उत्सवमय हो गया। आयोजक खनक धनवानी एवं खुशी टेकचंदानी की विशेष भूमिका रही। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में काजल असुदानी एवं निशा चावला उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और आयोजन की सराहना की। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विजेता घोषित किया गया। गरबा प्रतियोगिता  प्रथम स्थान पर साक्षी तनवानी, द्वितीय स्थान पर खुशी गोलानी,  तृतीय स्थान — हर्षा पट्टेवार रही। बेस्ट ड्रेस का खिताब काव्या भगवानी ने पाया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। आयोजन ने पारंपरिक संस्कृति, आपसी मेल-जोल और गरबा के प्रति लोगों के उत्साह को खूबसूरती से प्रदर्शित किया। क...

वृद्धाआश्रम में वरिष्ठों की ओर बढ़ाये मदद के हाथ

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  नवोदय बिजनेस असोसिएशन का उपक्रम नागपुर।  उमरेड रोड बहादुरा स्थित महेश्वर बुजुर्गों के आश्रम में नवोदय बिजनेस असोसिएशन अध्यक्ष मनोहरलाल आहूजा के नेतृत्व सदस्यों ने भेंट दी। वहाँ रहनेवाले वरिष्ठों के लिए नित्य उपयोग में आनेवाली खाद्यसामग्री, महिला , पुरुषों के लिए वस्त्र उनके केयर टेकर बंग के सुपुर्द किये गए। संस्था सदस्यों ने बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनके सेहत के बारे में जानकारी ली।   उन्हें आश्वसत किया गया कि संस्था नवोदय बिजनेस असोसिएशन द्वारा यथासंभव सहयोग किया जाता रहेगा। वहाँ के रहवासियों ने जानकारी दी कि महेश्वर बुजुर्गों के आश्रम में उनकी देखभाल, तबियत का बहुत ख्याल रखा जाता है। उनके भोजन की भी व्यवस्था परिवार की तरह की जाती है।मनोहरलाल आहूजा, लक्ष्मण मेंडरे,  सुधीर सहानी, अशोक बम्ब, कमलकुमार नामपल्लीवार, गोपाल मुल्तानी, सजंय खरे, रामावतार अग्रवाल, रमेश साहू, उमाकांत जाजू, किशोर रॉय, सजंय लारोकर, मुरली  रामरखयानी, प्रदीप पशीने की उपस्थिति रही।

वानाडोंगरी में आज गूंजेगी हास्य, व्यंग्य और वीर रस की काव्यधारा

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अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन में देशभर के ख्यातनाम कवि देंगे प्रस्तुतियां नागपुर। वानाडोंगरी में काव्यप्रेमियों के लिए आज, बुधवार 14 अक्टूबर को अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। प्रगत ज्येष्ठ नागरिक मंडल के तत्वावधान में तथा फुलमाता दुर्गा उत्सव मंडल के सौजन्य से आयोजित इस सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से आए ख्यातनाम कवि अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को हास्य, व्यंग्य, ओज, श्रृंगार और वीर रस से सराबोर करेंगे। कार्यक्रम शाम 7 से रात 10 बजे तक शिवाजी पार्क, महाजनवाड़ी, हिंगणा रोड, वानाडोंगरी स्थित हनुमान मंदिर सभागृह में होगा। टीवी फेम राष्ट्रीय श्रृंगार रस कवयित्री मंजुश्री पुष्प कारमोरे के संयोजन में आयोजित इस सम्मेलन का संचालन सुपरिचित हास्य-व्यंग्य एवं ओज के सशक्त हस्ताक्षर सुदर्शन चक्रधर करेंगे। कवि सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के ललितपुर से पंकज अंगार ओज एवं श्रृंगार रस की रचनाएं प्रस्तुत करेंगे, जबकि मध्य प्रदेश के पिपरिया-नर्मदापुरम से अरुण गड़वाल ‘जुगाड़ू’ अपनी हास्य-व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे। इंदौर के राष्ट्रीय वीर रस कवि हिमांशु ...

थैलेसीमिया-सिकल सेल की दवाओं और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सामग्री की कीमतें नियंत्रित हों : डॉ. विंकी रुघवानी

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नागपुर। थैलेसीमिया एंड सिकल सेल सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. विंकी रुघवानी ने मांग की है कि कैंसर की दवाओं की तर्ज पर थैलेसीमिया और सिकल सेल के उपचार में इस्तेमाल होने वाली जीवनरक्षक दवाओं तथा ब्लड ट्रांसफ्यूजन सामग्री की कीमतों पर भी उचित अधिकतम सीमा निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि इन बीमारियों से पीड़ित मरीजों को लंबे समय तक, कई बार जीवनभर उपचार की आवश्यकता होती है। थैलेसीमिया मेजर के मरीजों को नियमित रक्त चढ़वाने, आयरन की अधिकता दूर करने वाली दवाएं लेने और आवश्यक जांच कराने पर लगातार खर्च करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बड़ी चुनौती है। डॉ. रुघवानी के अनुसार, भारत में अनुमानित 14 लाख सिकल सेल और 1.50 लाख थैलेसीमिया मेजर के मरीज हो सकते हैं। उन्होंने डिफेरासिरॉक्स, डिफेरिप्रोन, डिफेरॉक्सामाइन और हाइड्रॉक्सीयूरिया जैसी दवाओं के साथ ब्लड एडमिनिस्ट्रेशन सेट, ल्यूकोसाइट रिडक्शन फिल्टर तथा अन्य मेडिकल कंज्यूमेबल्स की कीमतों की समीक्षा करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि दवाओं और मेडिकल सामग्री की खरीद तथा मरीजों से वसूली जाने वाली...

पूजा में श्रद्धा, तो प्रतिमाओं का अपमान क्यों? : किरण मुंदड़ा

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नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के हिंदी मोर भवन, सीताबर्डी में ‘चौपाल’ उपक्रम के अंतर्गत ‘पूजा में श्रद्धा, तो व्यवहार में प्रतिमाओं का अपमान क्यों’ विषय पर चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में तेजस्विनी मंच की अध्यक्षा श्रीमती किरण विट्ठल कुमार मुंदड़ा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। संयोजक विजय तिवारी और सह-संयोजक हेमंत कुमार पांडे के नेतृत्व में कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र एवं सम्मानचिह्न देकर अभिनंदन किया गया। चर्चा के दौरान मदनगोपाल बाजपेई ने त्योहारों के बाद देव प्रतिमाओं और पूजन सामग्री के अनुचित निस्तारण पर चिंता जताते हुए जनजागृति के सुझाव दिए। पंडित धीरज दुबे ने भी पूजन सामग्री के प्रति जिम्मेदारी बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्य अतिथि किरण मुंदड़ा ने कहा कि श्रद्धा केवल पूजा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि हमारे व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने गणेश और लक्ष्मी जैसे देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के बजाय उनके प्रतीकात्मक महत्व और उनसे जुड़ी ज्ञान व सदाचार की भावना को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने...

आजीविका के साथ पर्यटन का संगम: महाराष्ट्र में अंतर्देशीय जल-पर्यटन की नई संभावनाएँ

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मत्स्य व्यवसाय, पर्यटन और ग्रामीण उद्यमिता को जोड़कर रोजगार एवं आर्थिक समृद्धि का नया मार्ग महाराष्ट्र की विशाल जल-संपदा अंतर्देशीय जल-पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएँ प्रस्तुत करती है। राज्य में 17,861 किलोमीटर से अधिक लंबा नदियों और नहरों का जाल, 3,487 छोटे जलाशय, 67 मध्यम एवं बड़े जलाशय तथा 53,087 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले तालाब और पोखर उपलब्ध हैं। इस प्राकृतिक संसाधन को मत्स्य व्यवसाय और पर्यटन से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है। परंपरागत रूप से मत्स्य व्यवसाय ग्रामीण परिवारों की आजीविका, पोषण और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार रहा है। लेकिन यदि इसे केवल मछली उत्पादन और बिक्री तक सीमित न रखकर मनोरंजन, प्रकृति-अनुभव और पर्यटन गतिविधियों से जोड़ा जाए, तो आय के अनेक नए अवसर पैदा हो सकते हैं। इसी अवधारणा को मत्स्य-आधारित अंतर्देशीय जल-पर्यटन (Fisheries-based Aquatourism) कहा जाता है। केंद्रीय मत्स्यकी मंत्रालय के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 से 2024-25 के दौरान महाराष्ट्र के अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन में औसतन 18.08 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2024-...

नागपुर के माँ तुलजा भवानी मंदिर में प्रज्वलित हुईं 551 मनोकामना अखंड ज्योतियाँ

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शारदीय नवरात्र में उमड़ रहे श्रद्धालु, आकर्षक विद्युत सज्जा और धार्मिक आयोजनों से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर नागपुर। नागपुर के मनीष नगर स्थित प्रसिद्ध माँ तुलजा भवानी देवस्थान में शारदीय नवरात्र महोत्सव के अवसर पर इस वर्ष 551 मनोकामना अखंड ज्योतियाँ प्रज्वलित की गई हैं। श्रद्धा, भक्ति और आस्था के इस पावन आयोजन में नागपुर सहित विदर्भ के विभिन्न जिलों तथा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना के साथ अखंड ज्योतियाँ स्थापित कराई हैं। नवरात्र के नौ दिनों तक ये ज्योतियाँ निरंतर प्रज्वलित रहेंगी। मंदिर में माँ के दर्शन और अखंड ज्योतियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। भक्तिमय वातावरण, आकर्षक विद्युत रोशनी, फूलों की मनमोहक सजावट और माँ की दिव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हर वर्ष की तरह इस बार भी नवरात्र उत्सव में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। श्रद्धालु माँ तुलजा भवानी के चरणों में सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में प्र...

मातोश्री एवं भाई की स्मृति में रामराव ढोक महाराज के निवास पर अखंड हरिनाम सप्ताह

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वंडली (खुर्द) में धार्मिक आयोजन; गणमान्य व्यक्तियों का शॉल एवं श्रीफल देकर सम्मान नागपुर/वंडली (खुर्द)। तहसील काटोल, रामायणाचार्य ह.भ.प. श्री रामरावजी ढोक महाराज के निवास स्थान वंडली (खुर्द), तहसील काटोल में स्वर्गीय मातोश्री एवं भाई की स्मृति में 4 से 11 अक्टूबर 2026 तक अखंड हरिनाम सप्ताह, श्रीमद्भागवत कथा, ग्रंथराज ज्ञानेश्वरी पारायण एवं कीर्तन महोत्सव का आयोजन किया गया है। स्वर्गीय मातोश्री एवं भाई के प्रति प्रेम, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए महाराज प्रतिवर्ष इस धार्मिक सप्ताह का आयोजन करते हैं। इस दौरान पूजा-पाठ, पारायण, कथा वाचन, भजन-कीर्तन सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, संस्कार और अध्यात्म का संदेश दिया जाता है। रामायणाचार्य श्री रामराव ढोक महाराज रामायण कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, माता-पिता के प्रति भक्ति, भाईचारे और नैतिक मूल्यों की शिक्षा समाज तक पहुँचाने का कार्य करते हैं। उनका यह धार्मिक उपक्रम पारिवारिक रिश्तों के प्रति कृतज्ञता और आध्यात्मिक परंपराओं के महत्व को उजागर करता है। गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान  9...