बच्चों की मानसिकता में आ रहा परिवर्तन : डॉ. कृपलानी
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नागपुर। भारतीय सिंधू सभा नागपुर की ओर से सिंधी सभ्यता, संस्कृति, भाषा के प्रचार प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्था के अध्यक्ष घनश्यामदास कुकरेजा के मार्गदर्शन में "जुड़ो जड़ुन सां"( Connect with Routes)
इस कार्यक्रम के तहत कोविड काल में लाकडाउन की हालत में पेरेंट्स व बच्चों के मनोवैज्ञानिक हालात को समझने हेतु इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध साइकोलाजिस्ट डा. राकेश कृपलानी ने "ज़ूम" पर आन लाइन पेरेंट्स को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना के शुरुवाती दौर में बच्चों को अच्छा लग रहा था, लेकिन समयावधि बढ जाने से परेशानियां भी बढ़ने लगीं।
इस दौरान बच्चों की आन लाइन पढ़ाई शुरु हुई। धीरे धीरे बच्चों को मोबाइल की आदत हो गयी।
इस कोराना काल के चलते बच्चों की सोच में व मानसिकता में परिवर्तन आने लगा। बच्चे पढ़ाई के साथ साथ बाकी बातों पर भी अनायास ध्यान देने लगे,जहां उन्हें ध्यान नहीं देना चाहिए।
पालकों के लिए यह बहुत बड़ी जवाबदारी है कि वे उन पर ध्यान दें। बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए अभी से योगासान,ध्यान, प्रणायाम, अनुलोम विलोम आदि सिखाएं। खाना खाते समय मोबाइल से दूर रखें। अब जब स्कूल शुरु करने की घोषणा सरकार ने कर ली है लेकिन बच्चों के लिए फिर से आफ लाइन पढ़ाई करनी पड़ेगी। इस दौर में कुछ बच्चे तो लिखना भी भूल गए हैं।
प्रस्तावना में अध्यक्ष घनश्यामदास कुकरेजा ने कहा कि कोरोना काल में जहां आम नागरिकों को कोरोना की बीमारी से खुद को बचाना, अपने परिवार को बचाना था, वहीं अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए भी पेरेंट्स को ध्यान देना आवश्यक हो गया था। उन्होने कहा कि आन लाइन पढ़ाई से बच्चों का तकनीकी ज्ञान बढ़ा, लेकिन दुष्परिणाम भी देखने को मिले। पेरेंट्स को अब भी बच्चों पर ध्यान देना चाहिए।उन्होने भारतीय सिंधू सभा नागपुर की गतिविधियों व जुड़ो जड़ुन सां इस कार्यक्रम का उद्देश्य बताया। कार्यक्रम में सुप्रिम कोर्ट के वकील एड. श्याम देवानी मुख्य अतिथी के रुप में उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में आन लाइन टेक्नालाजी संपर्क साधने का अहम जरिया बना। आन लाइन पढ़ाई के सकारात्मक परिणाम भी आए और नकारात्मक परिणाम भी आए। पालकों को भी कई कठिनाईयों का भी सामना करना पड़ा है।
जिनके घर में एक मोबाइल थी और तीन बच्चे पढ़ाई वाले थे उनको भी कठनाई का सामना करना पड़ा। एडवोकेट श्याम देवानी ने भारतीय सिंधू सभा नागपुर के कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की। संस्था के महासचिव गोपाल खेमानी प्रमुखता से उपस्थित थे।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाज सेवी स्व. रोचलदास केवलरामानी पर सिंधू चेतना विशेषांक का विमोचन किया गया। सिंधू चेतना के संदर्भ में भारतीय सिंधू सभा सांस्कृतिक मंच नागपुर के अध्यक्ष किशोर लालवानी ने जानकारी दी। भारतीय सिंधू सभा बड़ोदा के उपाध्यक्ष वासुदेव गोलानी, गायक खेमचंद रावलानी ने अपने विचार रखे।
भारतीय सिंधू सभा अमरावती के अध्यक्ष तुलसी ने कहा कि "जुड़ो जड़न सां "यह कार्यक्रम घनश्यामदास कुकरेजा के मार्गदर्श़न में हर पंद्रह दिन में शनिवार के दिन भारतीय सिंधू सभा राष्ट्रीय, सिंधू सभा, व सुहिंणा सिंधी के फेस बुक व यू ट्यूब पर रात 8.30 बजे प्रसारित किया जाएगा। कार्यक्रम की सफलतार्थ मोहनीश वाधवानी, विशाल पंजाबी, जगदीश वंजानी ने प्रयास किया।