स्मार्ट सिटी नागपुर नहीं 'स्मार्ट सिटी जलपुर' कहिए
कभी था एक शहर—नागपुर। संतरे जितना मीठा, मौसम जितना सुहाना, और सड़कें भले ही डांबर की थीं, मगर बरसात में तैराकी की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। फिर ...
02 अप्रैल को पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव अतुल कोठारी, VNIT के निदेशक प्रो प्रेमलाल पट...
कभी था एक शहर—नागपुर। संतरे जितना मीठा, मौसम जितना सुहाना, और सड़कें भले ही डांबर की थीं, मगर बरसात में तैराकी की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। फिर ...
कभी हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा गाने वाले वही लोग अब तिरछी टोपी पहनकर हिंदी के खिलाफ मोर्चा निकाल रहे हैं। चेन्नई से लेकर महाराष्...
नेताजी रात में चुनाव की चर्चा में लीन होकर नींद के आगोश में समा गए.. सपने में भी कुछ बड़ा करने की बात को दोहराते रहे.. पत्नी भी उनकी नींद मे...
अनिल सोनकर और जयंत देशमुख दोनों गहरे मित्र हैं। साथ-साथ पढ़े, साथ-साथ बढ़े। अनिल सोनकर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद से इसी वर्ष जुलाई में त...
रामभजन पंड्या इन दिनों बेहद खुश हैं. पूरा समाज धार्मिक प्रवृत्ति प्रदर्शित करने लगा है। समाज के सभी वर्गों से लोग मंदिरों में उमड़ रहे हैं। ...
नेताजी गणित के बड़े जानकार हैं, कह दिया 'भाइयों और बहनों, दो और दो पांच होते हैं।' फिर क्या था, चमचों ने कहा, 'वाह,...
व्यंग्यधारा समूह की 158वीं ऑनलाइन वीडियो एकल व्यंग्य रचना पाठ गोष्ठी नागपुर। पौराणिक चरित्रों पर व्यंग्य चुनौतीपूर्ण है।यह उद्बब...
नागपुर। परसाई के लेखन का प्राणतत्व मानवता और मानवता की मुक्ति है।यह विचार वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ ब्रजेश त्रिपाठी ने व्यंग्यधारा स...
नागपुर। व्यंग्यधारा समूह की ओर से हरिशंकर परसाई के जन्मशती संवाद श्रृंखला में 155वीं ऑनलाइन व्यंग्य विमर्श गोष्ठी में वरिष्ठ व्...
मैं रात में गहरी नींद में सोया था, अचानक मुझे ऐसा आभास हुआ कोई मुझे अदृश्य रुप में दिखाई दे रहा हैं। मैंने ध्यान मुद्रा मे...
धरती पर समय समान्तर जीव जन्तु और मानव अवतरित हुए हैं, तो उनमें से एक से बढ़कर अनेकानेकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय यो...
नागपुर। सबसे बड़े व्यंग्यकार कबीरदास थे, जिन्होंने हर क्षेत्र की विसंगतियों पर प्रहार किया। बाजारवाद पर व्यंग्य लेखन के लिए कार्...
टीवी चैनल आजकल चिकन सैंडविच को लेकर गदगद हो रहे हैं। हम सभी ने चाय के प्याले में तूफान के बारे में सुना है, लेकिन सैंडविच डिश में सुनामी के ...
नागपुर। व्यंग्यधारा समूह की ऑनलाइन शतकीय गोष्ठी (100वीं ) का आयोजन किया गया जिसमें साहित्य और समाज में व्यंग्य का दखल विषय पर व्यंग्य विमर्श...
'जुकाम' कई तरह के होते हैं। मौसमी जुकाम हर मौसम में अपना असर दिखाता है। सीधे-साधे आदमी के नाक भी सीधी नहीं रह पाती। जुकाम और खांसी म...
अंतत अब चौपाल भी डिजिटल हो गयी है| वह दिन बीत गये जब पेड के नीचे, मंदिर के प्रांगण या फिर चौराहे के किनारे बैठकर चर्चाओं का दौर चलता था| बड़ी...
नागपुर। व्यंग्यकार को परिवर्तन के लिए ज्वलंत मुद्दों पर लिखने की जरूरत है। व्यंग्य लिखना असहमत होना है, असहमत होना ही लोकतांत्रिक होना है और...
व्यंग्यधारा की 87 वीं ऑनलाइन वीडियो गोष्ठी का आयोजन नागपुर। व्यंग्य सदैव जनमुखी होता है। व्यंग्य से ही तमाम राजनीतिक, सामाजिक सवालों के उत्त...
नागपुर। व्यंग्यधारा द्वारा आयोजित 83 वी ऑनलाइन वीडियो गोष्ठी के अंतर्गत 'इस माह के व्यंग्य' कार्यक्रम में अतिथि वक्ता व्...
व्यंग्यधारा समूह की साप्ताहिक 81वीं ऑनलाइन व्यंग्य गोष्ठी विमर्श नागपुर। व्यंग्य झकझोर कर जगाने की विधा है। आंदोलनों में व्यंग्यकार की भूमिक...