Loading...
व्यंग लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
item-thumbnail

स्मार्ट सिटी नागपुर नहीं 'स्मार्ट सिटी जलपुर' कहिए

कभी था एक शहर—नागपुर। संतरे जितना मीठा, मौसम जितना सुहाना, और सड़कें भले ही डांबर की थीं, मगर बरसात में तैराकी की ज़रूरत नहीं पड़ती थी। फिर ...

item-thumbnail

राजनीती का शिकार हो गई हमारी हिंदी

कभी हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा गाने वाले वही लोग अब तिरछी टोपी पहनकर हिंदी के खिलाफ मोर्चा निकाल रहे हैं। चेन्नई से लेकर महाराष्...

item-thumbnail

नेता जी की दावत....

नेताजी रात में चुनाव की चर्चा में लीन होकर नींद के आगोश में समा गए.. सपने में भी कुछ बड़ा करने की बात को दोहराते रहे.. पत्नी भी उनकी नींद मे...

item-thumbnail

किसी भी पार्टी का टिकट मिल जाए..

अनिल सोनकर और जयंत देशमुख दोनों गहरे मित्र हैं। साथ-साथ पढ़े, साथ-साथ बढ़े। अनिल सोनकर  डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के पद से इसी वर्ष जुलाई में त...

item-thumbnail

आयो रे आयो, सोनारी दिन आयो!

रामभजन पंड्या इन दिनों बेहद खुश हैं. पूरा समाज धार्मिक प्रवृत्ति प्रदर्शित करने लगा है। समाज के सभी वर्गों से लोग मंदिरों में उमड़ रहे हैं। ...

item-thumbnail

दो और दो पांच

नेताजी गणित के बड़े जानकार हैं, कह दिया 'भाइयों और बहनों, दो और दो पांच होते हैं।' फिर क्या था,  चमचों ने कहा, 'वाह,...

item-thumbnail

पौराणिक चरित्रों पर व्यंग्य चुनौतीपूर्ण है : सुधीर कुमार चौधरी

व्यंग्यधारा समूह की 158वीं ऑनलाइन वीडियो एकल व्यंग्य रचना पाठ गोष्ठी नागपुर। पौराणिक चरित्रों पर व्यंग्य चुनौतीपूर्ण है।यह उद्बब...

item-thumbnail

परसाई के लेखन का प्राणतत्व मानवता और मानवता की मुक्ति है : ब्रजेश त्रिपाठी

नागपुर। परसाई के लेखन का प्राणतत्व मानवता और मानवता की मुक्ति है।यह विचार वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ ब्रजेश त्रिपाठी ने  व्यंग्यधारा स...

item-thumbnail

हरिशंकर परसाई का व्यंग्य लेखन मनुष्य को पशुता से ऊपर उठाता है : डाँ. अरुण कुमार

नागपुर। व्यंग्यधारा समूह की ओर से हरिशंकर परसाई के जन्मशती संवाद श्रृंखला में 155वीं ऑनलाइन व्यंग्य विमर्श गोष्ठी  में वरिष्ठ व्...

item-thumbnail

होडिंग्स में भी हनुमान अमर हो गये...

      मैं रात में गहरी नींद में सोया था, अचानक मुझे ऐसा आभास हुआ कोई मुझे अदृश्य रुप में दिखाई दे रहा हैं। मैंने ध्यान मुद्रा मे...

item-thumbnail

कम्प्यूटर बाबा बनाम कम्प्यूटर डाक्टर युग का शुभारंभ

धरती पर समय समान्तर जीव जन्तु और मानव अवतरित हुए हैं, तो उनमें से एक से बढ़कर अनेकानेकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय यो...

item-thumbnail

बाजारवाद पर व्यंग्य लेखन के लिए कार्ल मार्क्स को पढ़ना जरूरी : आलोक पुराणिक

नागपुर। सबसे बड़े व्यंग्यकार कबीरदास थे, जिन्होंने हर क्षेत्र की विसंगतियों पर प्रहार किया। बाजारवाद पर व्यंग्य लेखन के लिए कार्...

item-thumbnail

राजनीति की चिकन सैंडविच

टीवी चैनल आजकल चिकन सैंडविच को लेकर गदगद हो रहे हैं। हम सभी ने चाय के प्याले में तूफान के बारे में सुना है, लेकिन सैंडविच डिश में सुनामी के ...

item-thumbnail

पवित्रता के छद्म पर प्रहार करना चाहिए : डाँ. प्रेम जनमेजय

नागपुर। व्यंग्यधारा समूह की ऑनलाइन शतकीय गोष्ठी (100वीं ) का आयोजन किया गया जिसमें साहित्य और समाज में व्यंग्य का दखल विषय पर व्यंग्य विमर्श...

item-thumbnail

ऑमिक्रोन जुकाम...

'जुकाम' कई तरह के होते हैं। मौसमी जुकाम हर मौसम में अपना असर दिखाता है। सीधे-साधे आदमी के नाक भी सीधी नहीं रह पाती। जुकाम और खांसी म...

item-thumbnail

डिजिटल चौपाल

अंतत अब चौपाल भी डिजिटल हो गयी है| वह दिन बीत गये जब पेड के नीचे, मंदिर के प्रांगण या फिर चौराहे के किनारे बैठकर चर्चाओं का दौर चलता था| बड़ी...

item-thumbnail

व्यंग्यकार परिवर्तन के लिए ज्वलंत मुद्दों पर लिखें : तिवारी

नागपुर। व्यंग्यकार को परिवर्तन के लिए ज्वलंत मुद्दों पर लिखने की जरूरत है। व्यंग्य लिखना असहमत होना है, असहमत होना ही लोकतांत्रिक होना है और...

item-thumbnail

व्यंग्य सदैव जनमुखी होता है : प्रदीप मिश्र

व्यंग्यधारा की 87 वीं ऑनलाइन वीडियो गोष्ठी का आयोजन नागपुर। व्यंग्य सदैव जनमुखी होता है। व्यंग्य से ही तमाम राजनीतिक, सामाजिक सवालों के उत्त...

item-thumbnail

रचना में ट्रीटमेंट ऐसा होना चाहिए कि लंबे समय तक याद रखा जाए' : अनुज खरे

नागपुर। व्यंग्यधारा द्वारा आयोजित 83 वी ऑनलाइन वीडियो गोष्ठी के अंतर्गत 'इस माह के व्यंग्य' कार्यक्रम में अतिथि वक्ता व्...

item-thumbnail

आंदोलन में व्यंग्यकार की भूमिका लोगों को आंदोलित कर जगाना है : शशिकांत सिंह ‘शशि'

व्यंग्यधारा समूह की साप्ताहिक 81वीं ऑनलाइन व्यंग्य गोष्ठी विमर्श नागपुर। व्यंग्य झकझोर कर जगाने की विधा है। आंदोलनों में व्यंग्यकार की भूमिक...

मुख्यपृष्ठ index