चलती रेलगाड़ी में डॉक्टर का इलाज मरीजों के लिए वरदान बन सकता है
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रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डे में आरोग्य सुविधा समय की मांग
नागपुर (आनंदमनोहर जोशी)। नागपुर देश के मध्य स्थित रेल, हवाईजहाज और रोड ट्रांसपोर्ट का स्वास्थ्य,आरोग्य हब बन सकता है।यह बात हाल ही में नागपुर से दिल्ली इलाज के लिए एक एक्सप्रेस ट्रेन में गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशु को ऑक्सीजन देकर जान बचाने के बाद सिद्ध हो चुकी है।
विश्वशनीय आधिकारिक सूत्रों के अनुसार नागपुर निवासी 25 वर्षीय निकिता के 26 दिवसीय नवजात बच्चे के दिल के वाल्व में खराबी होनेपर नागपुर के डॉक्टर ने बच्चे का इलाज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में करने की सलाह दी।
नागपुर से दिल्ली जाते समय नवजात की तबियत बिगड़ने के बाद उसे ऑक्सीजन देना जरूरी था। ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत वाली खबर भोपाल निवासियों को सोशल मीडिया से मालूम होने पर भोपाल के अनेक लोग, रेलवे विभाग के अधिकारी बच्चे की सहायता के लिए भोपाल रेलवे स्टेशन पर पहुंचे।
आखिरकार रेलवे विभाग के साथ भोपाल के लोगों द्वारा समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर और डॉक्टर स्टाफ की मदद से चलती ट्रेन में बच्चे की जान बचा ली गई। बच्चे की मां निकिता ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा बिलासपुर नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में तुरंत एक सीट दिलवाने के प्रति आभार व्यक्त किया।
यदि इसी तरह देश में आरोग्य रेल शुरू की जाए तो भविष्य में ट्रेन में यात्रा कर रहे दिल, श्वास, उच्च रक्तचाप, दुर्घटना में घायल यात्रियों की जान बचाई जा सकती है।आधुनिक भारत में आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के साथ हवाईअड्डे, हवाईजहाज, अंतर्राष्ट्रीय बस स्टेशन पर भी गंभीर बीमार और अचानक बीमार पड़ने पर ईलाज की सुविधाएं रामबाण उपाय सिद्ध हो सकता है।