समाचार माध्यम में महिलाओं की अर्धनग्न तस्वीरों पर रोक लगाने की मांग
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नागपुर। एक तरफ आज पूरे विश्व में महिला दिवस मनाया जा रहा है। महिलाओं की शान में कसीदे पढ़े जा रहे हैं। उनकी स्तुति का महिमा मंडन किया जा रहा है। महिलाओं को देश-विदेश के हर मंच से सम्मानित किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को भोग का विषय बनाकर विज्ञापन में दिखाया जा रहा है। उनकी अर्धनग्न तस्वीरों के माध्यम से अश्लीलता फैलाई जा रही है। फिर चाहे वह समाचार माध्यमों, स्क्रीन मीडिया हो, या फिर डीजीटल मंच पर हो, महिलाओं को अर्धनग्न अवस्था मे दिखाया जा रहा है, ऐसा आरोप महिला दिवस की पूर्व संध्या पर तेजस्विनी विचार मंच और महिला वकील सेल ने एक पत्र परिषद में लगाते हुए उसे तुरंत रोकने की मांग करने की चेतावनी देते हुए सुप्रीम कोर्ट तक जाने की तैयारी दिखाई है।
इस अवसर पर आगे बोलते हुए मंच की महिलाओं ने कहा कि आज सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में जहां- तहां महिलाओं को विज्ञापन के नाम पर अर्धनग्न तस्वीरों के साथ दिखाया जा रहा है जो नारी शक्ति का अपमान है। उन्होंने इसके खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर महिलाए हर लड़ाई लड़ने की अपनी तैयारी दर्शाते हुए कहां वह इस लड़ाई को हर स्तर पर लड़ेगी यदि उन्हें न्याय नहीं मिलता तो वह अंत में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
पत्र परिषद में तेजस्विनी विचार मंच और महिला वकील सेल की प्रो. ममताताई चिंचवडकर, अनुजा परचुरे, एडवोकेट सुवर्णा चूटे, डॉ. शीला कुलकर्णी और श्रीमती रोहिणी मुंधड़ा उपस्थित थीं।

