परिश्रम के हाथों को दिया सम्मान का स्पर्श - जिव्हाला संस्था की भाई दूज
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घरेलू काम करने वाली बहनों को साड़ी, चोली और दिवाली फराळ का वितरण
नागपुर/उमरखेड। घर- घर में दिनभर परिश्रम कर अनेक परिवारों के जीवन में सहारा बनने वाली घरेलू कामकाजी महिलाओं की निःस्वार्थ सेवा को सम्मान देने के उद्देश्य से इंटरनेशनल आइकॉन पुरस्कार और ISO मानांकन प्राप्त जिव्हाला संस्था, उमरखेड जिला यवतमाल की ओर से ‘जिव्हाल्याची गोड दिवाळी’ (जिव्हाला की मीठी दिवाली) इस उपक्रम के अंतर्गत, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी घरेलू कामकाजी बहनों की हृदयस्पर्शी भाई दूज हर्षोल्लास से मनाई गई। इस अवसर पर सभी महिलाओं को साड़ी, ब्लाउज पीस और दिवाली फराळ (मिठाई व स्नैक्स) वितरित कर प्रेम, अपनापन और कृतज्ञता की भावना व्यक्त की गई। समाज में अक्सर उपेक्षित रहने वाली इन बहनों के चेहरों पर मुस्कान लाने और उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मानपूर्वक स्थान दिलाने का यह जिव्हाला संस्था का अनोखा और भावनात्मक उपक्रम सभी को अत्यंत भावुक कर गया।
संस्थापक अतुल लताताई राम मादावार ने अपने उद्बोधन में कहा - ‘इन महिलाओं की निःस्वार्थ सेवा, परिश्रम और विश्वास ही समाज के लिए सच्ची प्रेरणा है। उनके चेहरों पर मुस्कान देखना ही हमारे लिए असली त्योहार है। जिव्हाला संस्था सदैव उपेक्षित, असहाय और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए कार्यरत रहेगी। समाज के हर व्यक्ति को प्रेम, स्नेह और सम्मान मिलना ही हमारा सच्चा उद्देश्य है। ‘कार्यक्रम में बोलते हुए संस्था की सचिव रोहिणी अलमुलवार ने कहा ‘ये बहनें अपने श्रम, विश्वास और निःस्वार्थ सेवा से असंख्य घरों में दिवाली की रौशनी फैलाती हैं। उनके परिश्रम का मूल्य पैसे में नहीं चुकाया जा सकता। इसलिए उनके चेहरों पर मुस्कान देखना ही हमारे लिए ‘जिव्हाला का सच्चा त्योहार’ है’।
संस्था की सलाहकार सदस्य संगीता अतुल मादावार ने कहा ‘घरकाम करने वाली इन मेहनती बहनों के योगदान को समाज ने कई बार अनदेखा किया है। उनका श्रम, मेहनत और सेवा ही समाज के विकास की असली नींव है। उनके चेहरों पर खुशी और उन्हें सम्मान देना ही हम सबके लिए सच्ची प्रेरणा है’। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में भावना, कृतज्ञता और भाई दूज का ममत्व महसूस किया गया। महिलाओं ने भी संस्था के इस प्रयास के लिए दिल से आभार व्यक्त किया। जिव्हाला संस्था का यह उपक्रम समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश बन गया। संस्था पिछले कई वर्षों से उपेक्षित, असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए सामाजिक कार्य करती आ रही है।
दिवाली, मकरसंक्रांति और अन्य अवसरों पर सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम संस्था द्वारा निरंतर आयोजित किए जाते हैं। ‘समाज के हर वर्ग तक अपनापन और स्नेह की गर्माहट पहुँचे’ इस उद्देश्य के साथ कार्य करने वाली जिव्हाला संस्था भविष्य में भी महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु ऐसे ही उपक्रम करती रहेगी। इस हृदयस्पर्शी कार्यक्रम के अवसर पर लताताई रामराव मादावार, रोहिणी अलमुलवार, संगीता मादावार, अश्विनी हाळदे, रोहित अलमुलवार, राजू सुनेवाड, राम जंगीड आदि उपस्थित थे।

