साहित्यिकी में लघुकथा सम्मेलन
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नागपुर। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के 'साहित्यिकी' में माँ सरस्वती की आराधना वंदना के साथ 'लघुकथा' सम्मेलन का सफल आयोजन संपन्न हुआ। अतिथि डाॅ भोला सरवर और अध्यक्षता डाॅ राम मुले ने की। सरवर ने उस तारीख विशेष की घटनाओं को सटीक ब्यौरा और अपनी लघुकथा हीरे और शब्द प्रस्तुत की। कल्पना शुक्ला की सुंदर संस्मरणात्मक प्रस्तुति के बाद दीपक गुप्ता ने प्रश्न दर प्रश्न सुंदर लघुकथा तो विवेक असरानी ने गणित बढ़िया लघुकथा दी लक्ष्मी नारायण केसकर ने 10 अक्षर की अति सूक्ष्म नेनो लघुकथा दी घृति बेडेकर ने नास्तिक और आस्तिक की बढ़िया बात सुनाई रमेश मौंदेकर ने और हम बच गये सुनाई अरुण खरे ने मार्मिक लघुकथा दी।
सुरेखा खरे की अच्छी सी लघुकथा के बाद रसिकजनों ने सुनीता केसरवानी की कथा पर दाद दी। प्रशांत कुमार ने पेईंग गेस्ट की बात सुनाई और शादाब अंजुम अति सूक्ष्म अतीव खूबसूरत नेनो लघुकथा दी। अध्यक्षीय वक्तव्य में डॉ राम मुले ने सभी की प्रस्तुति की सटीक समीक्षा की और "संस्कार"बढ़िया लघुकथा दी। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के पदाधिकारी सुनील तिवारी संयोजक तिवारी गणेश केसरवानी सहित अनेक साहित्य प्रेमी जनों ने आयोजन का गौरव बढाया। साहित्यिकी संयोजक व.साहित्यकार हेमलता मिश्र मानवी ने संचालन किया।
