अभिनंदन मंच से पुराने फिल्मी गीतों की सुंदर प्रस्तुति रही
नागपुर। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के उपक्रम अभिनंदन मंच (ज्येष्ठ नागरिकों का सम्मान) के अंतर्गत कार्यक्रम 'आओ मिलकर मनाएं नववर्ष
पुराने फिल्मी गीतों से सजाएं यह वर्ष' की सुंदर प्रस्तुति रही, यह आयोजन हिंदी मोर भवन रानी झांसी चौक में किया गया. प्रमुख अतिथि सतीश श्रीखंडे, सेवा निवृत्त जिला सत्र न्यायधीश, नागपुर उपस्थिति थे.
अतिथियों का स्वागत डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी, शरद त्रिवेदी राजेश अग्रवाल ने अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह से किया। सतीश श्रीखंडे ने अपने वक्तव्य में अभिनंदन मंच से ज्येष्ठ नागरिको के लिए शानदार कार्यक्रम की प्रस्तुति देखकर भाव विभोर हो गए। बुजुर्गों के लिए इस तरह के कार्यक्रम से उनमें उत्साहवर्धक बना रहता है उन्हें किसी प्रकार का तनाव नहीं रहता है. बुजुर्गों का मन मस्तिष्क प्रफुल्लित रहता है. अभिनंदन मंच से एक से बढ़कर एक सुंदर गीतो की प्रस्तुती से बुजुर्गों के चेहरे पर ताजगी खुशी देखने को मिलती है. इस तरह के मनोरंजन कार्यक्रम सतत होते रहना चाहिए। कार्यक्रम के आयोजकों की भूरि भूरि प्रशंसा की और बधाई दी. कार्यक्रम का संयोजक संचालन डा. कृष्ण कुमार द्विवेदी ने किया.
सर्व प्रथम कार्यक्रम की शुरूआत नवीन त्रिवेदी ने मै जट यमला पगला दीवाना, जयप्रकाश ने जब मोहब्बत जवान होगी, सतीश गजभिए ने मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊं कैसे, प्रकाश पाटिल ने चेहरे पे गिरी जुल्फे, सुरेश त्रिवेदी ने आंसू भरी है ये जीवन की राहें, जया धोटे ने जिंदगी के सफर में गुजर जायेंगे , विजय त्रिवेदी ने बरखा रानी जरा जमके बरसों न, राजेश अग्रवाल ने होगा तुमसे प्यारा कौन, शरद त्रिवेदी ने जिंदगी कैसी है पहेली, डॉ सुनील नरेंडी ने रात कली एक ख्वाब में, विष्णू फूलवाणी ने तुम दिल की धड़कन में रहते हो, माया शर्मा ने आज फिर जीने की तमन्ना है, उषा गायकवाड़ ने प्यार किया तो डरना क्या, संगीता तिवारी ने आओ हुजूर सितारों में तुमको, अल्पा तलाविया ने मै हूँ खुश रंग, अभिजीत बैनर्जी ने जीवन से भरी तेरी आँखें, मिलिंद नंदागवली ने लागा चूंदरी में दाग मिटाऊं कैसे, राजीव गायकवाड ने कितनी जवान है जिंदगी कृष्णा कपूर ने अफसाना लिख रही हूं, शंकर मेश्राम, मनोज, प्रफुल्ल गायकवाड़ ने है हम निकल चुके की प्रस्तुति रही.
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अंबरीश दुबे, अनिता गायकवाड़, विजय तिवारी, हेमंत पांडेय, ममता पांडेय, अशोक रावल, रमेश मौनदेकर, अनुराग नेमा, ओमप्रकाश कहते, सुनील तिवारी, कोमल नेमा की उपस्थिति रही. आभार प्रदर्शन का दायित्व शरद त्रिवेदी ने किया.