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रंगों का त्योहार..


रंगों का त्योहार यह प्यारा 
अपनो के संग सबसे न्यारा 
होली आई, रंग लाई,
संग अपने  ढेरो खुशियाँ लाई।

लाल, गुलाबी, पीला, नीला,
रंगों ने सबके मन को जीता।
पिचकारी से रंग बरसाएँ,
मिलकर सबको गले लगाएँ।

मैं खाती हूं गुझिया , मिठाई 
तुम भी खाओ संग मेरे भाई 
ढोलक की धुन पर नाचें-गाएँ।

झगड़ा-रूठना दूर भगाएँ,
प्यार का संदेश फैलाएँ।
फाल्गुन का यह त्योहार मनाएं ।
सबको लगे यह सबसे न्यारा
रंगों का त्योहार यह प्यारा।
 
- परिधि रघुवंशी 
   सिवनी, प्राणमोती छिंदवाड़ा, म.प्र.
काव्य 7081205496718156026
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