उभरते सितारे मे 'विज्ञान दर्पण'
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नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित प्रतिभाओं को समर्पित उपक्रम 'उभरते सितारे' का आयोजन हिंदी मोर भवन के उत्कर्ष हॉल में किया गया। कार्यक्रम का विषय 'विज्ञान दर्पण' पर आधारित शिक्षाप्रद, ज्ञानवर्धक और संगीतमय प्रस्तुतियों से भरा रहा। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप मे केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत उप प्राचार्य नबेंदु साहा उपस्थित थे। इनका सम्मान साहित्य मंत्री सागर खादीवाला, संयोजक युवराज चौधरी और सहसंयोजिका वैशाली मदारे ने स्वागत वस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया।
अपने संबोधन में नबेंदु साहा ने उभरते सितारे उपक्रम के मंच तथा बच्चों की प्रस्तुतियों की बहुत सराहना की। इस अवसर पर पद्मा इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका श्रीमती निरजा शंभरकर प्रमुखता से उपस्थित थीं। इन्होने भी विज्ञान कैसे धर्म से जुड़ा इसे सुंदर ढंग से उपवास के उदाहरण से समझाया।
तत्पश्चात, सभी बच्चों ने भी विज्ञान दर्पण विषय पर सुंदर विचार रखते हुए शानदार नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। जिसमें, स्वराज ढोके, सुतिक्श सुरज रामटेके, देवांशी पटनायक, राम बागल और आदित मिंज ने बहुत सुंदर गीत सुनाए। पद्मा इंटरनेशनल स्कूल से अवनी संदीप गायकवाड, स्वराज ढोके, अन्विका कांबले, अधीरा साहू, आरव मछले, धानु यादव ने तथा जेके डांस एकेडमी से अयान अश्विन लिखारे ने शानदार गोंधळ नृत्य प्रस्तुत कर सबका दिल जीत लिया।
बच्चों की प्रस्तुतियों को उनके अभिभावकों के साथ-साथ जगदीश दळवी, गीता सुरेश मिंज, पालिका बागडे, नेहा सुरेश रामटेके, देवस्मिता पटनायक, प्रिती अभिजीत बागल, राहुल गुप्ता आदि ने बहुत सराहा। कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रशांत शंभरकर ने सहयोग दिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सहसंयोजिका वैशाली मदारे ने किया। तथा उपस्थित सभी दर्शकों, कलाकारों और बच्चों का आभार संयोजक युवराज चौधरी ने अपने शब्दों में व्यक्त किया।


