प्रयास एवं COMHAD द्वारा विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस
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नागपुर। आशा, स्वीकार्यता और क्षमता का उत्सव खुशी, संवेदना और प्रेरणा से परिपूर्ण वातावरण में, विशेष बच्चों के लिए कार्यरत प्रयास स्कूल ने नागपुर के गुरुनानक भवन में एक भावनात्मक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस का आयोजन किया। यह कार्यक्रम ऑटिज़्म से जुड़े बच्चों की शक्ति, संघर्षशीलता और उनकी अद्वितीय क्षमताओं को समर्पित एक सच्ची श्रद्धांजलि था।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित COMHAD-UK के कार्यकारी निदेशक डॉ. उदय बोधनकर ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि हर बच्चे को केवल देखभाल ही नहीं, बल्कि गरिमा, स्वीकार्यता और आगे बढ़ने के अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऑटिज़्म कोई कमी नहीं, बल्कि दुनिया को देखने और समझने का एक अलग दृष्टिकोण है, जिसे समाज से समझ, धैर्य और समावेशी दृष्टि की आवश्यकता है।
विकासात्मक शिशु रोग विशेषज्ञ एवं मनोवैज्ञानिक डॉ. जया शिवालकर ने बच्चों और उनके परिवारों की जीवन यात्रा पर अपने संवेदनशील विचार व्यक्त किए और प्रारंभिक हस्तक्षेप तथा करुणामय देखभाल के महत्व को रेखांकित किया। दैनिक सकाल के संपादक श्री प्रमोद कालबांडे ने विशेष बच्चों को मंच और पहचान देने के लिए प्रयास के अथक प्रयासों की सराहना की।
बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम इस आयोजन की आत्मा थे—हर प्रस्तुति में साहस, मासूमियत और असीम संभावनाओं की झलक दिखाई दी। उनकी मुस्कान, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति ने उपस्थित दर्शकों को भावुक और प्रेरित कर दिया। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीमाओं से परे क्षमताओं का उत्सव था। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रयास के अध्यक्ष श्री रितेश दिवे के नेतृत्व में हुआ, जिनकी दूरदृष्टि और समर्पण अनेक बच्चों और परिवारों के जीवन में नई रोशनी ला रहा है।
इस अवसर पर श्री कुलदीप पोठीवाल, सुश्री कुमुद सोंडावले, श्री दर्शन बिंकर, सुश्री नीलिमा लाजेवार तथा संपूर्ण प्रयास टीम को विशेष सम्मान दिया गया, जिनकी निस्वार्थ सेवा, समर्पण और करुणा इस प्रकार के सार्थक प्रयासों की मजबूत नींव है। कार्यक्रम का समापन एक सशक्त संदेश के साथ हुआ—ऑटिज़्म को केवल जागरूकता ही नहीं, बल्कि स्वीकार्यता, प्रेम और समावेश की आवश्यकता है। आइए, हम सभी मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर बच्चा सम्मानित, समझा और सशक्त हो।


