अभिनंदन मंच से ‘जीवन में व्यस्त रहो, स्वयं को स्वस्थ और मस्त रखो’ पर परिचर्चा संपन्न
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नागपुर। विदर्भ हिन्दी साहित्य सम्मेलन के उपक्रम अभिनंदन मंच (ज्येष्ठ नागरिकों का सम्मान) के अंतर्गत कार्यक्रम ‘जीवन में व्यस्त रहो, स्वयं को स्वस्थ और मस्त रखो’ इस विषय पर परिचर्चा की सुंदर प्रस्तुति रही।यह आयोजन हिंदी मोर भवन रानी झांसी चौक में किया गया.
प्रमुख अतिथि मधु शुक्ला सेवा निवृत्त शिक्षिका सेंट जोसेफ हाई स्कूल, ज्युनियर कालेज नागपुर की मंच पर उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत, माया शर्मा,डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी ने अंगवस्त्र स्मृति चिन्ह से किया।
प्रमुख अथिति मधु शुक्ला ने अपने उद्बोधन में सर्वप्रथम विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के आयोजकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। स्वयं अस्वस्थ रहकर लेखन कार्य को पूरी निष्ठा व लगन के साथ तन- मन लगाकर साहित्य में व्यस्त रहकर अपने जीवन को साहित्य की सेवा निरन्तर कर रही। इस कार्य से मुझे जो उर्जा मिलती है। वहीं मेरी जिनदगी का अब मकसद बन गया है।
माया शर्मा ने कहा अपने खान -पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। धार्मिक कार्यों में स्वयं को व्यस्त रखोगे तो मस्त रहोगे। धीरज दूबे ने कहा भगवान शिव शंकर ने विष पीकर सारे जगत के लोगों को प्रसन्न रखा। राजेन्द्र मिश्रा ने कहा भोजन ग्रहण करते समय प्रसन्न रहना चाहिए। नित्य व्यायाम करना चाहिए। जीवन में सकारात्मकता रखनी चाहिए।
माधुरी राउलकर ने अपने ग़ज़ल के अन्दाज़ में कहा -कभी फूल कभी पत्थर उछालकर रखना.अपनी ज़िन्दगी सम्भालकर चलो अपनी जिंदगी को ऐसे जिएं , छोटी -छोटी व्यस्तता में ढालकर। डॉ बालकृष्ण महाजन ने कहा सात्विक भोजन करना चाहिए। घर का मुखिया प्रसन्न रहेगा तो पूरा परिवार खुश रहेगा।
विजय तिवारी ने कहा मन चंगा तो कठौती में गंगा। इस मुहावरे के द्वारा अपनी बात रखी। अभिनंदन मंच के संयोजक व संचालन डॉ कृष्ण कुमार द्विवेदी ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने नंदिनी सुदामलला, अनिता शुक्ला, प्रभा अवस्थी, अनिता नायडू, वंदना नायडू, यशवंत पाटिल , किशोरी रणवीर, दिनेश बागड़ी, रमेश मौंदेकर, समीर पठान की उपस्थिति रही।
