गुंजन म्यूजिकल्स की 75वीं डायमंड जुबली पर गूंजे सदाबहार नगमे


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क्या मौसम आया है’ संगीत संध्या में कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने बांधा समां


नागपुर। गुंजन म्यूजिकल्स की ओर से 25 अक्टूबर को लक्ष्मी नगर स्थित साइंटिफिक हॉल में 75वें डायमंड जुबली कार्यक्रम के अंतर्गत ‘क्या मौसम आया है’ संगीत संध्या का भव्य आयोजन किया गया। आयोजक माया ढोके के नेतृत्व में आयोजित इस संगीतमय कार्यक्रम में कलाकारों ने पुराने और नए फिल्मी गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।


कार्यक्रम का शुभारंभ माया ढोके ने ‘कांटों से खींच के ये आंचल’ गीत से किया। इसके बाद मनीष वानखेड़े, डॉ. रश्मि दातार, डॉ. प्रज्ञा, अजय ठाकुर, हेमंत कहार और माया लोखंडे सहित अन्य कलाकारों ने ‘अंखियों संग अखियां’, ‘आएगा आनेवाला’, ‘रैना बीती जाए’, ‘जिंदगी इत्तफाक है’, ‘याद आ रहा है’, ‘सजन रे झूठ मत बोलो’, ‘खिलते हैं गुल यहां’ और ‘रोज शाम आती थी’ जैसे लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर संगीत प्रेमियों की खूब दाद बटोरी।


नयन कोकर्डे ने ‘क्या हुआ तेरा वादा’, विभा चौहान ने ‘वो हसीन दर्द दे दो’, जुई कडबे ने ‘निगाहें मिलाने को जी चाहता है’, मास्टर कृष्णा कहार ने ‘मधुबन में राधिका नाचे रे’ तथा डॉ. अंजली आंबटकर ने ‘आइए मेहरबां’ गीत सुनाकर श्रोताओं का मनोरंजन किया। मनोहर बकाने ने ‘नजर ना लग जाए’ और जया धाबेकर व आनंद राज आनंद ने ‘दिल तेरा दीवाना है सनम’ की प्रस्तुति दी। जुई कडबे के ‘निगाहें मिलाने को जी चाहता है’ गीत पर श्रोताओं ने जोरदार तालियां बजाईं और एक बार फिर सुनाने की फरमाइश की।


युगल गीतों ने भी संगीत संध्या में विशेष रंग भरा। जय और वैशाली कडबे ने ‘पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा’, डॉ. अंजली आंबटकर और मनोहर बकाने ने ‘देखा एक ख्वाब’, सतीश और पूजा राठौर ने ‘लगा लगा लगा रे’ तथा ‘धूम ताना’, जबकि डॉ. आशिमा और मनोज वर्गीसे ने ‘आंखों से दिल में उतर के’ प्रस्तुत किया। हेमंत कहार और माया लोखंडे ने ‘कौन दिशा में लेके चला’ सहित ‘क्या मौसम आया है’ शीर्षक गीत की प्रस्तुति से कार्यक्रम को यादगार बनाया।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अकील अहमद और रेखा साने की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन आनंद राज आनंद ने किया। इसकी संकल्पना विभा चौहान की थी, जबकि कोर टीम में हेमंत कहार और माया लोखंडे ने सहयोग दिया। संगीत संयोजन की जिम्मेदारी परिमल जोशी एवं उनकी टीम ने संभाली।

सदाबहार फिल्मी गीतों, प्रतिभाशाली कलाकारों और श्रोताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता से सजी यह संगीत संध्या गुंजन म्यूजिकल्स की 75वीं डायमंड जुबली का यादगार आयोजन बनी।


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