अनमोल रतन



बहुत कम ही होते

ज़िंदगी भर ढूंढते रहते

पर नहीं मिलते

तलाश करते करते

निराश होने के कगार पर

कही कोई मिलता है

जिस के दिल से तार मिलते है

किसी को मिलने के बाद लगता है

क्या बात है,  इसे ही तो ढूंढ रहे थे


बहुत कम ही मिलते हैं

जिनसे मिल के आनंद की

अनुभूति होती है

जिन के चेहरे पर हमसे

मिलने की खुशी होती है

ऐसे जितने भी मिले

जहां पर भी मिले,

उन में से हर एक को

संजोकर रखे

संभाल कर रखे


जिन के सिर्फ साथ से,

जिंदगी में सुकून आता है,

चेहरे पर नूर आता है,

बस इन्हें दिल से लगाकर रखिए।


कोयले की खदान में

हीरे कम ही मिलते है

मिलने के बाद हीरे को भी

तराशना पड़ता है

ठीक वैसे ही अपने मित्र को

और मित्रता को खूब तराशे

मखमल में रखे,

दिल के तिजोरी में सुरक्षित रखे

ये ही एक दौलत है

जो आप की

इज्जत बढ़ाती है


बाकी तो सब कुछ नश्वर है

मोह माया का चक्कर है


- राजेन्द्र चांदोरकर...(अनिकेत)

   नागपुर, महाराष्ट्र 


लोकप्रिय खबरें

श्री नागपुर गुजराती ब्रह्मसमाज में घट स्थापना

डांगे महिला महाविद्यालय में उद्यमिता प्रकोष्ठ का शुभारंभ

विपरीत परिस्थितियों में भी समाजसेवा का संकल्प ही सच्ची सेवा : पद्मश्री डॉ. विकास महात्मे