मानवाधिकार संरक्षण के लिए साइबर गोपनीयता महत्वपूर्ण : सागर खर्डे
सावनेर के डॉ. हरिभाऊ आदमने महाविद्यालय में मानवाधिकार विषय पर कार्यशाला; 400 विद्यार्थियों की सहभागिता
नागपुर/सावनेर। डिजिटल युग में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए साइबर गोपनीयता और ऑनलाइन सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रतिपादन सावनेर के उपविभागीय पुलिस अधिकारी सागर खर्डे ने डॉ. हरिभाऊ आदमने कला, वाणिज्य महाविद्यालय में मानवाधिकार आयोग, भारत सरकार, नई दिल्ली के सौजन्य से आयोजित कार्यशाला में किया। कार्यशाला का विषय ‘डिजिटल युग में मानवाधिकार: साइबर अपराध, गोपनीयता और ऑनलाइन सुरक्षा’ था। खर्डे ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रलोभनों से सावधान रहने और साइबर अपराधों से बचने का आह्वान किया।
कार्यशाला में चार सत्र आयोजित किए गए। एड. अशोक पावडे ने मानवाधिकार एवं संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण में न्यायपालिका की भूमिका पर मार्गदर्शन दिया। डॉ. आचल पारेख मुंदाफले ने विद्यार्थियों की तस्करी, लापता बच्चों और अपहरण जैसे विषयों पर विचार रखे। डॉ. कपिल सिंघल ने वर्ग-चेतना एवं परिवेश में भेदभाव पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र जुमडे ने की। उन्होंने महाराष्ट्र के 27 चयनित महाविद्यालयों में नागपुर जिले के सावनेर स्थित इस महाविद्यालय को शामिल करने के लिए मानवाधिकार आयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। संयोजक डॉ. प्रगतसिंग बावरा ने साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल साक्षरता के प्रति ग्रामीण विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने को कार्यशाला का उद्देश्य बताया।
मंच पर डॉ. वंदना बावनकुले उपस्थित थीं। संचालन डॉ. प्रमोद लेंडे ने किया तथा आभार डॉ. वंदना बावनकुले ने माना। कार्यशाला में महाविद्यालय के 400 विद्यार्थियों सहित सावनेर परिसर के विभिन्न महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर डॉ. मिलिंद साठे, डॉ. प्रशांत पाटील, डॉ. अरविंद पुनवटकर, सचिन वैद्य, डॉ. दिनेश किमटा, डॉ. अर्चना पाटील, डॉ. विकास सावंत, प्रा. अतुल भोयर, सुनील मोहुर्ले, प्रा. कोहले, प्रा. प्राची देशमुख, मयुरी मंडपे, सुशील बोकडे, शशांक मडावी, नकुल तेलंग, नरेंद्र रामटेके, प्रकाश घ्यार, रामेश्वर तुमाने और मनोज काले सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की सफलता के लिए प्रतीक बनाईत, नरेंद्र समदूरकर, दीपक बांगडे, बादल डोईफोडे और रुचि कडू ने सहयोग किया।
