सप्तरंग महिला चेतना मंच ने प्रस्तुत किया ‘दस महाविद्याओं की अधिष्ठात्री देवियों का अवतरण’
नवरात्रि विशेष कार्यक्रम में देवी स्वरूपों की मनमोहक प्रस्तुति, भजन-कीर्तन और गरबे ने बांधा समां
नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में संचालित सप्तरंग महिला चेतना मंच द्वारा नवरात्रि के पावन अवसर पर मासिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत माता रानी को समर्पित एक अनूठा एवं भक्तिमय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शीर्षक ‘दस महाविद्याओं की अधिष्ठात्री देवियों का अवतरण’ रखा गया, जिसमें महिलाओं ने आकर्षक वेशभूषा, साज-सज्जा और मंत्रोच्चार के साथ मंच पर दस महाविद्याओं के दिव्य स्वरूपों को साकार किया। इस अभिनव प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम की संकल्पना सप्तरंग महिला चेतना मंच की संयोजिका डॉ. स्वर्णिम सिंह की थी। आयोजन को सफल बनाने में सह-संयोजिकाओं सुजाता दुबे, किरण हटवार और रेशम मदान का विशेष सहयोग रहा। मुख्य अतिथि डॉ. नीरजा श्रीवास्तव ने नवरात्रि के धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए देवी उपासना की परंपरा और भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति के स्थान को रेखांकित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती श्रद्धा भारद्वाज ने की। उन्होंने दस महाविद्याओं के स्वरूप, उनकी विशेषताओं और आध्यात्मिक महत्ता की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण दस महाविद्याओं का सजीव मंचन रहा। मां काली के स्वरूप में किरण हटवार, मां तारा के रूप में प्रतिभा भोले, मां त्रिपुर सुंदरी के रूप में अनिता गायकवाड, मां भुवनेश्वरी के रूप में ऋतु आसई, मां भैरवी के रूप में विधि ग्वालानी, मां छिन्नमस्तिका के रूप में रश्मि मिश्रा, मां धूमावती के रूप में ममता सिंह, मां बगलामुखी के रूप में भारती रावल, मां मातंगी के रूप में अर्चना चौरसिया तथा मां कमला के रूप में सारिका विजयवर्गी ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। बाबा भैरव के स्वरूप में कोमल शर्मा ने भी प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ रेखा तिवारी द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके पश्चात देवी स्वरूपों का परिचय, मंत्रोच्चार और भजनों ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। उमा हरगन ने गरबा संचालन की जिम्मेदारी संभाली। भजन-कीर्तन और गरबे के उल्लासपूर्ण आयोजन ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। खचाखच भरे सभागार में उपस्थित महिलाओं एवं साहित्यप्रेमियों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।
देवी स्वरूपों का परिचय, मंत्र एवं भजन प्रस्तुत करने में उमा हरगन, पूर्णिमा बनर्जी, संतोष बुधराजा, अलका देशपांडे, छाया जैसवाल, माया शर्मा, रेशम मदान, रेखा तिवारी, ममता विश्वकर्मा, कामिनी शुक्ला, सुषमा भांगे, आरती पुरोहित और नंदिनी सुदानला का योगदान रहा।
इस अवसर पर चन्दा फूलसुंगे, द्वारिका जी, आरती पाटिल, संगीता कुमार, मन्नू मंडावी, नन्दा वजीर और आरती गुप्ता सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। सप्तरंग महिला चेतना मंच का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और महिला सहभागिता का सुंदर संगम बना। दस महाविद्याओं की मनोहारी प्रस्तुति के माध्यम से कार्यक्रम ने नारी शक्ति, आध्यात्मिक चेतना और भारतीय परंपराओं के प्रति श्रद्धा का संदेश दिया।

