अधिकारीयों का नागरिकों से अभद्र व्यवहार हो तो धारा 353 जैसा लागू हो कानून
https://www.zeromilepress.com/2020/11/353.html
अधिकारीयों का नागरिकों से अभद्र व्यवहार हो तो धारा 353 जैसा लागू हो कानून
गृहमंत्री से वेदप्रकाश आर्य ने की मांग
नागपुर। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष वेदप्रकाश आर्य ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख को एक निवेदन पत्र दिया। उन्होंने पत्र में लिखा है कि महाराष्ट में कानून है कि अगर कोई व्यक्ति सरकारी काम में हस्तक्षेप करता है तो उसके विरूद्ध 353 धारा लगाई जाती है। उसकी जमानत न्यायालय से होती है।
परंतु जेएमएफसी को जमानत देने का अधिकार न रहने के कारण उसको सेन्टल जेल भेज दिया जाता है। इसका फायदा पुलिस विभाग लेता है वह सेसन कोर्ट में देरी से कागज पत्र पेश करता है और उस व्यक्ति को 6 से 8 दिन सेन्टल जेल रहना पड़ता है।
जिस तरह सरकारी कर्मचारीयो से कोई उनके काम में कोई व्यक्ति हस्तक्षेप या अभद्र व्यवहार करता है उसी तरह अगर सरकारी विभाग में कोई कर्मचारी या अधिकारी किसी सामान्य अथवा सामाजिक कार्यकताओं से अभद्र व्यवहार करता है तो उनके खिलाफ भी कानून बनाना चाहिये।
आजकल कुछ कर्मचारी और अधिकारी सीधे मुंह नागरिको से बात नही करते है और लोगो को काम के कारण अपमान सहना पडता है। अतः आपसे अनुरोध है सरकारी विभागो में कोई कर्मचारी और अधिकारी सामान्य नागरिकों से अभद्र व्यवहार करता है तो उस पर भी धारा 353 जैसा कानून बनाना चाहिए, यह विनंती की है।
