यह दिवाली मेरे घर आई...
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यह दिवाली मेरे घर आई...
सुरमई दीपावली में हिंदी मराठी गीतों की प्रस्तुति
नागपुर। दीवाली की लक्ष्मी पूजा का दिन अविदिति देवी के हिंदी मराठी गीतों पर आधारित था। फेसबुक लाइव के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम का दुनिया भर के मराठी वक्ताओं ने आनंद लिया।
सुरमई दीपावली, हिंदी और मराठी गीतों का एक विश्व प्रीमियम शो, ग्लोबल बप्पा टीम, लंदन (यूके) और हारमोनिका एंटरटेनमेंट नागपुर द्वारा संयुक्त रूप से भारतीय समयानुसार दोपहर 1.30 बजे और शनिवार को लक्ष्मी पूजा के दिन 2.30 बजे यूके में आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम की परिकल्पना राजू चोपडे ने की थी। कार्यक्रम के अतिथि गायक राजेश दुरूगकर और आकांक्षा नागरकर थे। शिवराज, योगेश परांजपे, अरविंद कुमार शिंदे, अविनाश चंद्रन और मनीषा चंद्रन मुख्य प्रतिभागी थे। राजू चोपड़े ने जाने - माने गायक किशोर कुमार के गीतों की प्रस्तुति दी। आकांक्षा नागरकर मेरे घर आईं।
इस दिवाली गीत ने दिवाली का खुशनुमा माहौल बना दिया। वह इस विधा में शिवराज बख़ुदी के सनम, इस मोड से जाते है, जाने कैसे कब कहां, देखा एक ख्वाब,इत्यदि युगल गीतों का प्रदर्शन किया। मनीषा चंद्रन ने मोगरा फुलला, केव्हा तरी पहाटे गीत और अविनाश ने चंद्र आहे साक्षील, नवीन आज चंद्रमा, संध्याकाली आशा आदि के साथ प्रस्तुति दी।
शिवराज ने ओ हंसिनी, खोया खोया चाँद गाया। योगेश परांजपे ने ऐ जिंदगी जिंदगी लागा ले गाने की प्रस्तुति दी। कई गायकों द्वारा कई हिंदी और मराठी गीतों जैसे चंदन सा बदन, केव्हा तरी पहाटे इस मोड जात है, चंद्र आहे साक्षीला, तेरे मेरे होटो पे, जाने क्या होगा, खिलते हैं गुल यहां जैसे कई गाने प्रस्तुत किए गए।
अविनाश ने कार्यक्रम का समापन गीत बाजी भेट तुझी माझी के साथ किया। बयान डॉ यह रजनी हुड्डा का है। सिंथेसाइज़र पर मंगेश पटले और ऑक्टोपस पर उल्हास चितमुलवार को सबसे अच्छी संगत मिली। शैविन्द्र बिसेन, अशोक रेड्डी और माइकल ने भी कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया।
