फेस्टिवल ट्रेन के नाम से ज्यादा किराया ना वसूले : अतुल कोटेचा
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रेलवे विभाग आंदोलन करने को विवश न करें
नागपुर। रेलवे विभाग ने पटरी पर ट्रेन तो दौड़ाना शुरू किया है। लेकिन रेलवे के कड़े नियम लागू हैं। अगर यात्री को ट्रेन से सफर करना है तो अब कन्फर्म टिकट जरूरी है। जनरल बोगी में सफर नहीं कर सकते। रिजर्वेशन को लेकर पहले निर्धारित दरें रखी गई थीं। परंतु अब रेल विभाग ने ट्रेनों के चंद नंबरों को बदलते हुए उसे स्पेशल और फेस्टिवल ट्रेन का लेबल लगाकर उसकी आड़ में यात्रियों से बेहिसाब किराया वसूला जा रहा है। पहले ही मुश्किल में फंसी जनता की गंभीर परिस्थिति का लाभ नहीं उठाना चाहिए।
इस संदर्भ में प्राप्त शिकायतों पर महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व पूर्व जोनल सदस्य अतुल कोटेचा ने चेतावनी दी है कि रेलवे विभाग आंदोलन करने को विवश न करें। कहा है कि रेल विभाग द्वारा स्पेशल व फेस्टिवल ट्रेन के नाम पर इसी प्रकार यात्रियों की लूट का सिलसिला जारी रहा तो भविष्य में निश्चित ही इसका कड़ा विरोध करते हुए तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
ट्रेनें पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाईं हैं। कई नियमों के अधीन रहते हुए यात्रियों को अब भी सफर करना पड़ रहा है। इससे पहले जो रेलवे का किराया कॉमन रेट की तरह था, उसमें भी बढ़ोतरी और विविध दरें होने से यात्रियों को अपनी लूट होने का अहसास हो रहा है और यात्रियों को अधिक पैसा चुकाना पड़ रहा है। ऐसे से जनता में भारी रोष है।
बता दें कि कोरोना संकट के बीच के लोगों के रोजगार छिन गये हैं। अधिकांश व्यापार अब भी ठप है। कोरोना की गाईड - लाईन में जकड़े लोगों की परिस्थिति में पूरी तरह से सुधार नहीं हो रहा है। लोग जैसे - तैसे पैसे जुटाकर अपने घर से दूसरे शहरों के लिए रोजगार के लिए जाना - आना कर रहे हैं।
