महापुरुषों का विवाह लोक शिक्षण के लिए : प. नंदकिशोर पांडेय
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श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन
नागपुर। कथा व्यास आचार्य प. नंदकिशोर पांडेय की मधुर वाणी में शारदा धाम, 20 रड़के लेआउट, हिंगना रोड में नंदलाल भुरा हिरणवार के यजमानत्व में कथा आयोजित है। आचार्य प्रवर ने समापन दिवस पर रुख्मिनी मंगल, सुदामा चरित्र व शुकदेव विदाई की कथा विस्तार से कही।
कथा का समापन पूजन हवन से आरंभ हुआ। विधिवत रूप से पूर्णाहुति विद पंडित जनों के मार्गदशन में सम्पन्न हुई। आचार्य ने रुख्मिनी मंगल प्रसंग पर कहा श्रीकृष्ण ने लीलाओं के माध्यम से समाज को एक नई चेतना प्रदान की है।
भगवान ने विवाह कर यह दर्शाया है कि महापुरुषों का मन परमात्मा के चरणों में है। सुदामा यानी जीव, श्रीकृष्ण ईश्वर है। ईश्वर और जीव की मित्रता दुर्लभ है। यदि जीव निष्कपट और निस्वार्थ भाव से प्रभु से मिलना चाहता है, तब प्रभु उस जीव को बिना मांगे सब कुछ अर्पित कर देते है।
इस अवसर पर रुख्मिनी मंगल की, सुदामा चरित्र की सजीव झांकी प्रस्तुत की गई जिसका दर्शन भक्तों ने किया। कथा समापन के पश्चयात भक्तों ने महाप्रसादी का आनंद लिया। व्यास पूजन रविंद्र नंदलाल हिरणवार परिवार ने की।
सफलतार्थ नंदलाल भुराजी हिरणवार, राखी रविन्द्र हिरणवार, मूलचंद सीरिया, जया सीरिया, वंदना हजारे, पप्पू बनिया, मनोज कटारिया, योगिता कटारिया, सुनील हिरणवार प्रयासरत थे।
