ई कचरे का पुन: उपयोग बने ट्रेंड : महिमा सूरी
ग्रामायण प्रतिष्ठान की उद्यम गाथा में ई - कचरे की यात्रा
नागपुर। इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं में धातु और प्लास्टिक का पुन: उपयोग हो तथा यह एक ट्रेंड बनना चाहिए. इन उत्पादनों में पारे सहित लीड, प्लास्टिक व विभिन्न धातुओं के अंश होते हैं. इन सभी के मिट्टी में मिक्स होने अथवा इन्हें जलाने से प्रदूषण में वृद्धि ही होती है.
इसलिए ई - कचरे का निपटारा वैज्ञानिक तरीके से ही किया जाना चाहिए. हमारे द्वारा उपयोग में लाई गईं इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का योग्य निस्तारण करने की जिम्मेदारी हमारी ही है. यदि यह विचार सभी ने अंगीकार कर लिया तो ई - कचरे का निपटारा और पुन: उपयोग ट्रेंड बन सकता है. उक्त जानकारी महिमा सूरी ने व्यक्त की.
ग्रामायण प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित की गई उद्मम गाथा श्रृंखला के 8 वें भाग में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक महिमा ने कहा कि तकनीक में हर दिन होने वाले बदलाव एवं नए - नए उपकरणों का समावेश होने के कारण बढ़ता ई - कचरा और उसका योग्य निस्तारण निकट भविष्य में चिंता का विषय बन गया है.
तकनीक ने एक ओर हमारे काम आसान कर दिए हैं परंतु उसके साथ हमारे सामने ई-कचरे का सवाल भी खड़ा कर दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पर एक ही उपाय है-तकनीक का प्रभावी और तर्कशुद्ध उपयोग किया जाना चाहिए. फेसबुक लाइव के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में महिमा ने ‘ई-कचरे की बढ़ती समस्या का निराकरण’ विषय पर मार्गदर्शन किया. वे वर्ष 2013 से ई-कचरा व्यवस्थापन का काम करने वाली कंपनी में विपणन प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं.
इस कचरे पर प्रक्रिया न करते हुए यदि उसे फेंक दिया जाए तो मिट्टी-पानी-हवा का प्रदूषण होता है. इसके परिणाम एक विशिष्ट क्षेत्र को नहीं अपितु संपूर्ण समाज को थोड़े-बहुत प्रमाण में भुगतने ही पड़ते हैं. हमें प्रकृति के साथ ही मानव स्वास्थ्य का ध्यान रखने का उद्देश्य भी रखना चाहिए. ई-कचरे का विषय नागरिकों के साथ ही सरकार और व्यवस्थापन के लिए भी नया है. इस पार्श्वभूमि पर सरकार के सहयोग से, योग्य प्रक्रिया करके ही ई - कचरे का निपटारा किया जाता है.
2018 में नियम और भी कठोर हो गए हैं. उन्होंने आशा व्यक्त की कि पुन:प्रक्रिया एवं पुन:उपयोग करने से ही बदलाव होंगे. उन्होंने बताया कि रिसाइक्लिंग करके वस्तुओं का 100 प्रतिशत पुन:इस्तेमाल किया जा सकता है. पुन:प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखा जाता है. नियमानुसार व तकनीक के इस्तेमाल के साथ ही आवश्यक उपकरणों का उपयोग करके ही इन उत्पादनों पर प्रक्रिया की जाती है.
अपने संबोधन में उन्होंने ई-कचरा वास्तव में किसे कहते हैं ? इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान- ई-कचरे का सुचारू रूप से प्रबंधन तथा उस पर प्रक्रिया के बारे में परिपूर्ण जानकारी दी. इस फेसबुक लाइव कार्यक्रम में उपस्थितों ने उनसे प्रश्न पूछे, जिनके महिमा सूरी ने संतोषजनक उत्तर दिए.
