प्रसिद्ध संगीतकार पुत्र ने रजनीगंधा के संगीत कार्यक्रम में ताज़ा की यादें
यह गीत राम लक्ष्मण को नागपुर के सेमिनरी हिल्स में सुझां था..
नागपुर। दिसंबर का महीना था, राम लक्ष्मण नागपुर के जी. एस. कॉलेज में पढ़ रहे था। सेमिनरी हिल्स पर टहलने के लिए जाते समय, उनके दिमाग में 'गुंजे लगे हैं खिलने' गाने के बोल आये और उन्होने वो पुरा गीत लिख डाला। इस गीत की याद दिलाते हुये अमर राम लक्ष्मण ने इस गाने का मुखडा प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा कि फिल्म 'मैंने प्यार किया' में राम लक्ष्मण रचित गीत मानो मोती हैं। रजनीगंधा म्युझिक अनलिमिटेड द्वारा बुधवार को संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संगीतकार राम लक्ष्मण के पुत्र अमर राम लक्ष्मण थे।
अमर राम लक्ष्मण ने एट्रोसिटी, केबीसी फिल्मों का संगीत निर्देशन किया है और मैने प्यार किया, हम आपके हैं कौन, हम साथ साथ हैं जैसी फिल्मों के लिए सह - संगीत निर्देशक के रूप में भी काम किया है। इस कार्यक्रम की अवधारणा रजनीगंधा के निदेशक, डॉ. राजेंद्र पडोले और परिणीता मातुरकर की थी।
धनश्री भगत समन्वयक थी और प्रशांत मानकर सलाहकार थे। प्रदीप गौर, जया धाबेकर, वैशाली गणोरकर, पी. कुमार, राजू व्यास, संदीप मलिक, गायत्री खेडकर, शिव राज, श्याम चिलाटे, पंकज जोशी और चंचल सिंग ने कार्यक्रम मे सहभाग लिया। वैशाली गनोरकर ने माई नी माई मुंडेर पे गीत प्रस्तुत किया। उसके बाद अमर राम लक्ष्मण मंच पर आये।
उन्होंने इस गाने की पिछे छिपी यादों को तरोताजा किया। उन्होंने कहा, फिल्म हम आपके हैं कौन में कुल चौदह गाने थे। लेकिन यह गाना सबसे आखिरी में उसमें डाला गया था। गीतकार देव कोहली ने संगीतकार राम लक्ष्मण को एक कविता दी। इसमें एक लय थी। यह गाना इसीका नतीजा है।
परिणीति मातुरकर और संदीप मलिक ने आजा शाम होने आयी और माना हो तुम बेहद हसी इस गीत का प्रदर्शन किया। गायकों ने जैसे एक से बढकर एक गीतों की प्रस्तुति दी। इस आयोजन को सफल बनाने में टाइगर पैराडाइज रिसॉर्ट्स करांडला और बालासाहेब गजभिए की भूमिका रही। इसके अलावा, गुंचे लगे खिलने इस गीत का मुखडा रजनीगंधा के दर्शकों के लिए प्रस्तुत किया।
