प्रशासन का केंद्रीय नियंत्रण कक्ष करेगा अस्पतालों में बेड की व्यवस्था !
नागपुर। मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के आदेशानुसार नागपुर महानगर पालिका और जिला प्रशासन की ओर से केंद्रीय नियंत्रण कक्ष मनपा के छत्रपति शिवाजी महाराज प्रशासकीय इमारत के छठे मंजिल पर शुरू किया गया है. कोरोना मरीजों के लिए अलग - अलग अस्पतालों में बेड की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था की गई है. इसी तरह अलग अलग कोविड अस्पतालों में रेमडेसिविर, ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए अलग नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.
नागपुर महानगरपालिका के आयुक्त राधाकृष्णन बी. ने गुरुवार को कंट्रोल रुम का निरीक्षण किया और यहाँ पर काम करने वाले कर्मचारियों से मुलाकात की. इस दौरान अतिरिक्त जिलाधिकारी शिरीष पांडे, मनपा के अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा, राम जोशी, चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय चिलकर, उपायुक्त महेश धामेचा, महेश मोरोणे तथा सहायक चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय जोशी उपस्थित थे. मनपा मुख्यालय में शुरू किया गया यह कंट्रोल रूम 24 घंटे शुरू रहेगा.
यहाँ पर मनपा आयुक्त व जिलाधिकारी के नेतृत्व में तीन शिफ्ट में टेक्निकल टीम उपलब्ध रहेगी. कंट्रोल रूम से बेड अलॉट होने के बाद मरीज को अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. कंट्रोल रूम से भेजे गए किसी भी मरीज को हॉस्पीटल भर्ती करने से इंकार नहीं कर सकता. हॉस्पीटल में आयसीयू बेड उपलब्ध न भी हुआ तो प्रथमिक उपचार जरूर शुरू किया जाएगा. कंट्रोल रूम से उपलब्धता के अनुसार जल्द से जल्द बेड उपलब्ध करके देने के प्रयास किए जाएंगे और जहां पर बेड उपलब्ध होगा वहां पर मरीज को ट्रान्सफर किया जाएगा. कंट्रोल रूम से बेड की उपलब्धता के बारे में जानकारी आसानी से मिल सकती है.
फोन के माध्यम से कंट्रोल रूम से संपर्क किया जा सकता है. मनपा तथा जिला प्रशासन ने टेलिफोन नंबर 0712 - 2567021 पर नागरिकों को संपर्क कर बेड की उपलब्धता के बारे में जानने का आवाहन किया है. नागरिक व्हॉट्स एप नंबर 7770011537, 7770011472 के माध्यम से भी जानकारी हासिल सकते हैं. इस केंद्र के संचालन में निरजा पठानिया और उनकी स्वंयसेवी संस्था वी 7 केयर फाऊंडेशन का सहयोग भी प्रशासन को मिल रहा है.
प्रशासन की ओर से स्थापित किए गए सेंट्रल कंट्रोल रूम के निर्णय पर निजी अस्पतालों के संगठन विदर्भ हॉस्पिटल्स एसो. ने प्रश्नचिन्ह उपस्थित किया है. संगठन ने कहा है कि मरीजों के उपचार के लिए लगने वाले दैनिक शुल्क, दवाइयों से संबंधित शुल्क क्या अस्पतालों को नियमित मिलेगा? इसकी जवाबदारी किसकी होगी ?
कहा गया है कि मरीज को अस्पताल में दाखिल करने से पूर्व कंट्रोल रूम को इस संबंध में जानकारी देनी होगी. इसके अलावा कोरोना बाधित मरीज को दाखिल करने के बाद उसे दिए जाने वाले रेमडेसिविर, टॉसिलिजुमैब इंजेक्शन आदि दवाइयों का अस्पतालों को समान वितरण करने की जवाबदारी कंट्रोल रूम को दी गई है. उसी प्रकार अस्पताल की ओर से की जाने वाली दवाइयों की मांग व तद्रुसार आपूर्ति पर भी कंट्रोल रूम ध्यान रखेगा.
