बच्चे घर परिवार को भाग्यशाली बना देते हैं : हरेराम वाजपेयी
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नागपुर। बच्चे घर परिवार को भाग्यशाली बना देते हैं। परिणामत: भारतीय परिवारों में खुशहाली का माहौल नजर आता है। यह प्रतिपादन हिंदी परिवार, इंदौर,म.प्र. के संस्थापक - अध्यक्ष श्री हरेराम वाजपेयी ने किया।
विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज, उ.प्र.के तत्वावधान में 'रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस व जन्माष्टमी'विषय पर आयोजित तृतीय बाल संसद में मुख्य अताथि के रूप में वे अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।
समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ. शहाबुद्दीन नियाज मुहम्मद शेख,पुणे,महाराष्ट्र ने की। श्री वाजपेयी ने आगे कहा कि माता पिता का सम्मान करना भारतीय संस्कृति की पहचान है। भारतीय त्योहार विभिन्न संस्कृतियों में मेल मिलाफ निर्माण करते हैं।
विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान के महासचिव डाॅ. गोकुलेश्वरकुमार द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से संस्थान के बालसंसद समारोह में बडी रौनक आयी है।
बालसंसद समारोह के मुख्य अतिथि शौर्य दीक्षित ने कहा कि हमें मिल जुलकर अपने त्योहार मनाने चाहिए।
बालसंसद समारोह की अध्यक्षता कु.अवनी तिवारी,इंदौर ने की और अपनी प्रस्तुतियों से सभी को मुग्ध किया।
समारोह का आरंभ सरस्वती वंदना से हुआ।कु.जिया खान,पुणे महाराष्ट्र ने स्वागतगीत प्रस्तुति के साथ कहा कि भारतीय त्योहार हमारी संस्कृति के अमूल्य धरोहर है। अगस्त महिने में आनेवाले 'मुहर्रम' की संक्षेप में जानकारी भी जिया ने सभी को दी।
समारोह के प्रास्तविक भाषण में शुभ द्विवेदी, प्रयागराज उ.प्र. ने भारतीय त्योहारों, उत्सवों व पर्वों की विशेषताएँ प्रकट की और अपनी कविता में कहा कि-'यह देश हमारा है, हमको अति प्यारा है, इस धरती को हमने माँ कहकर पुकारा है।
जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में कु.स्वरा त्रिपाठी, लखनऊ ने नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी एवं कु. ऋषिता कुंभज, शिलांग, मेघालय ने जन्माष्टमी से संबंधित नृत्य प्रस्तुत किया।
कु.जान्हवी गवळी, औरंगाबाद, महाराष्ट्र ने आजादी की कहानी सुनायी।प्रद्युम्न कृष्ण खामगावकर, औरंगाबाद ने स्वतंत्रता दिवस से संबंधित नृत्य प्रस्तुत किया।
कु.विधि पाराशर,भोपाल ने गीत सुनाया। निमिश दांडके, औरंगाबाद ने 'दुश्मन से नहीं डरता मैं भारत का जवान हूँ' कविता सुनाई।श्रद्धा रविंद्र ने जन्माष्टमी से संबंधित कहानी, तो कु.शीतल अहीर ने 'ऐ मेरे वतन मेरे आजाद रहे तू'गाया।
विधि पाहूलकर ने कविता तथा मधुरा कुलकर्णी ने देशभक्ति गीत सुनाया। आस्था गणेश शहाणे, औरंगाबाद ने गीत गाया तथा श्रद्धा बालकृष्ण ने नृत्य की प्रस्तुति दी। आराध्या गजेंद्र बोरसे ने 'मेरा देश रंग रगीला 'गीत प्रस्तुत किया।
कु. मानसी शर्मा ने समारोह का सुंदर संचालन किया तथा संस्थान के बालसंसद समारोह की प्रभारी डाॅ. रश्मि चौबे, गाजियाबाद उ. प्र. ने सभी के प्रति धन्यवाद व्यक्त किये।
समारोह में छत्तीसगढ सांसद डाॅ. मुक्ता कान्हा कौशिक, रायपूर,श्रीमती पूर्णिमा, श्रीमती नुपूर मालवीय,ओम प्रकाश त्रिपाठी सहित अनेक महानुभावों की उपस्थिति रही।