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वर्धमान नगर में आध्यात्मिक रुप से मनाया गया रक्षाबंधन का पर्व


नागपुर। तपस्वी रत्ना तप चक्रेश्वरी प. पू. श्री. चंदनबाला जी म.सा., जिनशासन प्रभाविका मधुर व्याख्यानी प. पू. श्री पदमावती जी म.सा. आदि ठाणा 06 के मार्गदर्शन में लोकिक और लोकोत्तार रुप से स्विकार किया रक्षाबंधन का पर्व को वर्धमान नगर स्थित स्थानक के श्रीमती रजनीदेवी खुशालचंदजी रांका प्रवचन हाल में आध्यात्मिक रुप से मनाया गया। 

सर्वप्रथम पंच प्रकार के सामुहिक जाप व्दारा कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। दान, शील, तप, भाव आदि त्याग व्रतो की नियम डोरी में बंद कर रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। 
   
साध्वी पदमावती जी म.सा. ने रक्षाबंधन पर्व के शुभ अवसर पर अपने उद्बोधन में बताया की भारत त्योहारों का देश है। सभी त्योहारों की श्रुंखला में रक्षाबंधन का भी त्योहार आता है। इस दिन बहनें अत्यंत प्रसन्नता, हर्ष उल्लास के साथ अपने भाइयों को राखी बनती है और भाई भी बहनों की रक्षा करने का संकल्प लेते हैं।
    
भाई-बहन के अटूट रिश्‍ते, अतुलनीय प्रेम और समर्पण के त्‍योहार रक्षाबंधन का हिंदू धर्म में अपना विशेष महत्‍व है। धर्मग्रंथों के मुताबिक, इस त्योहार की शुरुआत छह हजार साल से भी पहले होने के प्रमाण हैं। इससे जुड़ी पौराण‍िक कथाओं की डोर देवराज इंद्र से लेकर कृष्‍ण और पांडवों से लेकर राजा-महाराजाओं और मुगल बादशाहों तक जुड़ती है। यह त्योहार सिर्फ हिंदुओं तक ही सीमित नहीं था बल्‍क‍ि मुसलमान मुगल राजाओं ने भी इस त्‍योहार को मनाया है। 

मेवाड़ के सुल्तान बहादुर शाह से बचाने के लिए चितौड़गढ़ की रानी कर्णावती ने हुमायूं को भी राखी भेजी थी। बताया जाता है कि तब हुमायूं ने भी कर्णावती को बहन का दर्जा देकर उनकी जान बचाई थी। विश्‍व व‍िजेता कहे जाने वाले सिकंदर और भारतीय राजा पुरू के बिच का युद्ध भी रक्षाबंधन के कारण टल गया था। सिकंदर की पत्‍नी ने राजा पुरू को राखी भेजी थी। राखी पाकर राजा पुरू ने सिकंदर की पत्‍नी को बहन मान लिया और तब जाकर युद्ध की स्‍थ‍िति पर विराम लगा। 

साध्वी पदमावती जी म.सा. ने अपने उद्बोधन में कहा की इतिहास में ऐसे सैकड़ों ऐतिहासिक उदाहरण है रक्षाबंधन के पर्व को लेकर। उन्होंने कहा की भाई बहन द्वारा मनाया जाने वाला यह पर्व सभी के लिए मंगलमय हो। 
   
कार्यक्रम के अंत में धर्मसभा में उपस्थित सभी भाई बहनों ने विभिन्न व्रत नियम साध्वी चंदनबाला जी म.सा. से ग्रहण कर साध्वी जी से प्राप्त राखियों से सामुहिक रक्षाबंधन का कार्यक्रम मनाया। उपरोक्त सभी कार्यक्रमों की जानकारी श्री ओसवाल पंचायती नागपुर के महामंत्री राकेश गांधी ने दि तथा कार्यक्रम का संचालन हंसकुमार गोलेछा ने किया।‌ कार्यक्रम को सफल बनाने में चातुर्मास संयोजक प्रदीप रांका, महेश बेताला ने प्रयास किए।
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