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अंगदान को प्रोत्साहन जरूरी : सतीजा

                                      

13 अगस्त अंगदान दिवस                     

नागपुर। कलामंच के तत्वावधान में अंगदान के प्रति जागरूकता हेतु अभियान निरंतर जारी है. गौरतलब है कि हर वर्ष 13 अगस्त को अंगदान दिवस मनाया जाता है एवं जनजागरण के मद्देनज़र विविध आयोजन किए जाते हैं. कलामंच के संयोजक नरेंद्र सतीजा के अनुसार अंगदान को प्रोत्साहन देना  एवं जटिलताओं को भी दूर करना जरूरी है. दरअसल किसी भी व्यक्ति की ब्रेनडेथ होने के बाद इसकी जानकारी जोनल ट्रांसप्लांट कोआर्डिनेशन सेंटर को देना अनिवार्य है लेकिन अभी भी कई बार इसकी जानकारी नहीं दी जाती है. यहां तक कि उस व्यक्ति के परिवार से सहमति मिलने के बाद भी विविध औपचारिकताओं से गुजरना पड़ता है. इस प्रक्रिया को आसान करना चाहिए ताकि परिवारजनों को परेशानी न हो. अंगदान को प्रोत्साहन देने में चेन्नई के मोहन (मल्टी आरगन हार्वेस्टिंग एड नेटवर्किंग) फाउंडेशन के प्रयास अनुकरणीय हैं.  नागपुर में इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी हैं जिसमें डा रवि वानखेड़े का विशेष योगदान रहा है. हमारे यहां पिछले 9 वर्षों में कुल 73 दाताओं ने अंगदान किया है. इसमें 127 किडनी, 125 लीवर, 13 ह्रदय, 39 नेत्र और 3 फेफड़ों का दान हुआ है. इसके अलावा 8 मरीजों ने त्वचा दान भी किया है. दरअसल अंगदान तो मरने के बाद जिंदा रहने की बात है. इस हेतु  अंगदान का संकल्प पत्र भरना होता है जिसके हेल्पलाइन (18001037100) भी जारी की गई है. संकल्प पत्र नहीं भरा है तो भी परिवारजनों की सहमति से अंगदान किया जा सकता है. पारंपरिक रूढ़िवाद का प्रतिकूल असर भी इस अभियान पर पडता है. वक्त का तकाज़ा है कि रूढ़िवाद को छोड मानव सेवा के लिए अंगदान करवाएं. आखिर अंगदान जीवनदान होता है एवं जाते-जाते मानव सेवा का महान काम हो जाता है.

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