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मूक प्राणियों के प्रति रखे दयाभाव : अरविंदकुमार रतूड़ी


किंग कोबरा आर्गेनाइजेशन यूथ फोर्स और पशु क्रूरता के ख़िलाफ़ जंग ने मनाया विश्व श्वान दिन

नागपुर। मूक प्राणियों के संरक्षण के लिए एक नेक पहल करते हुए 26 अगस्त को 'विश्व श्वान दिन' के अवसर पर शाम सात बजे से सामाजिक संगठन किंग कोबरा आर्गेनाइजेशन यूथ फोर्स और पशु क्रूरता के ख़िलाफ़ जंग नागपुर महाराष्ट्र के संस्थापक अध्यक्ष अरविंदकुमार रतूड़ी के नेतृत्व में नागपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों, चौराहों, गलियों में रहने वाले बीमार, जख्मी, भूखे लावारिश मूक प्राणियों को खासकर श्वानो को खाना, पानी, बिस्कुट खिलाकर विश्व श्वान दिन मनाया। 


यह सेवा सिर्फ़ एक दिन की नहीं है बल्कि संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अरविंदकुमार रतूड़ी के घर में रोज सुबह शांम लावारिस मूक प्राणियों के लिए खाना बनाकर खिलाया जाता है। कई वर्षों से यह नेक कार्य निरंतर बिना थके शुरू है। यह मूक प्राणी भी हमारे परिसर और हमारे सभ्य समाज का हिस्सा है, इन्हें भी जीने का मौलिक अधिकार है। इनकी अनदेखी करना ठीक नहीं है, क्यूं कि जब हम घरों में आराम से परिवार के साथ सोते हैं, तब ये लावारिश श्वान चोरों, असमाजिक तत्वों से हमारे जानमाल की सुरक्षा मुफ्त में करते हैं। 


इनको हमसे ज्यादा कुछ नहीं चाहिए, बस कुछ निवाले खाना, पानी और थोड़ा सा दुलार। हर घर में खाना बचता है, और लोग उसे कचरे में फेक देते है। जब कि कचरे में ना फेंकते हुए अपने घर आंगन में किसी बर्तन में रख देना चाहिए, ताकि मूक प्राणियों को पेट की भूख से राहत मिल सके। हमारे देश की संस्कृति सभ्यता कहती है कि कण कण में भगवान है, तो हम पत्थरों में अपने आराध्य देव को ढूंढते है और जिंदा मूक प्राणियों को पत्थर, डंडों से पीटते है, जो ठीक नहीं है। अगर हम इन्हें खिला नहीं सकते है तो हमें मारने का भी कोई हक नहीं है। 


इस मानवतावादी कार्य में मधु डोये, अनिल मोहित,रिषी राज भुते, शिवम टीबोले, आयुष कडू, आयुषी रतूड़ी, फाल्गुनी रतूड़ी ने सहयोग किया। प्राणी सेवा ही ईश्वर सेवा है।
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