'साहित्य अर्पण' द्वारा दुबई में काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन
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नागपुर/शारजहां। 'साहित्य अर्पण' दुबई द्वारा 'कैलाश परबत रेस्तरां दुबई में 7 अगस्त 2021 की शाम को काव्य गोष्ठी का सफल आयोजन हुआ।
इस कार्यक्रम का संयोजन बहुत ही खूबसूरती से साहित्य अर्पण दुबई की सीईओ नेहा शर्मा, अध्यक्ष विनय गौतम और सचिव अभिषेक सिंह ने किया।
प्रोग्राम का आगाज़ विनीता लवानियां ने अपनी मधुर आवाज में सरस्वती वंदना गा कर किया। फिर नेहा ने सभी कविगणों का स्वागत किया।
विशिष्ट अतिथि के तौर पर अरुण तिवारी उपस्थित थे। उन्होंने नेहा के इस कार्य की सराहना की और उनको बधाई दी।
विनय गौतम ने बहुत ही सुचारु ढंग से प्रोग्राम का संचालन किया और अपनी कविताएं भी सबके साथ साझा की। सुप्रिया ने इस प्रोग्राम को अपने यूट्यूब चैनल के लिए कवर किया। और यह कार्यक्रम फेसबुक, इंस्टाग्राम पर लाइव भी था।
वरिष्ठ कवि गणों में से सुशांत उपाध्याय ने अभिमन्यु की वीरता पर कविता बोली 'उठो वक्ष से तीर निकालो' उन्होंने अभिमन्यु की वीरता का गुणगान किया।
अनघा त्रिकन्नाड ने सोशल मीडिया को अपनी कविता में सोने का पिंजरा बताया। सीमा वालिया ने अपनी खूबसूरत कविता' जिंदगी - एक सफर' द्वारा जिंदगी के सफर का वृतांत किया और यह बताया कि जिंदगी कहां से शुरू हुई और कहां ले आई है।
रितु गर्ग ने रामायण की पात्र 'उर्मिला' के जीवन पर बहुत ही सुंदर रचना पड़ी। शब्बीर मुनव्वर ने भी अपनी कविताओं के जरिए वाहवाही लूटी। वरिंदर पाल कौर बबली ने अपनी कविता 'मेरी दो दुनियां' में अंदर की और बाहर की दुनिया का वृतांत किया।
लवानिया ने कृष्णजी का खूबसूरत भजन सुनाया 'सखी अब झूला डालो री'और कन्यादान पर कविता पढ़ी। मंजू ने अपनी रचना में स्मार्टफोन के सम्मोहन की बात की। अरुण तिवारी ने 'मैं कौन हूं' खूबसूरत कविता पढ़ी। आशु गौर ने रोमांटिक कविता से खूब तालियां बटोरी।
दीपिका चावला की रचना 'चार दिन का कारागार' बहुत ही उत्तम रचना थी। विनय गौतम ने कोरोना के चलते हालातों पर चिंता जताई और चौपाल के ठहाकों को याद किया। नेहा की खूबसूरत रचना विदेश में देशभक्ति को बयां कर रही थी।
सभी रचनाकारों को 'साहित्य अर्पण' की और से प्रमाण पत्र भी दिए गए। नेहा ने सभी रचनाओं की सराहना कर के सभी का धन्यवाद किया और गरिमा पूर्ण प्रोग्राम का समापन हुआ।
- वरिंदर पाल कौर
शारजहां - यूएई