Loading...

दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस समारोह संपन्न



दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस समारोह ऑनलाइन मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्मानीय श्री घनश्याम दास जी कुकरेजा जी ने की. इस  समारोह के मुख्य अतिथि राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज  नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ मनोज पाण्डेय सर थे. हिंदी दिवस के कार्यक्रम में आदरणीय प्राचार्य महोदया, महाविद्यालय की समस्यत प्राध्यापिकाओं छात्राओं और नागपुर के समस्त विदवतजनों और हिंदी प्रेमियों ने अपनी सहभागिता दर्ज की.
           
अतिथि महोदय  डॉ मनोज पांडेय ने  अपने वक्तव्य में कहा कि हिंदी दिवस मनाना हमारी संस्कृति का एक हिस्सा है. उन्होंने यह भी कहा कि कंप्यूटर पर हिंदी का व्यवहार होना चाहिए । सूचना क्रांति के युग में संवाद की लोकप्रियता ने हिंदी भाषा को दूसरी भाषाओं से अधिक लोकप्रिय बना दिया है.आज संयुक्त राष्ट्र में एवं विदेशों में भी हिंदी विषय का अध्ययन- अध्यापन हो रहा है. जिसका प्रमुख कारण भाषा की सक्षमता ही है.  

उनका मानना है कि कौशलपरक समाज का निर्माण भाषा और भाषा के आधार पर रोजगार से ही किया जा सकता है। हिंदी भाषा को अधिक सम्मान यदि दिलाना है तो उसे रोजगार से जोड़ना होगा रोजगार के अनेक संभावनाओ से विद्याथियों  को परिचित कराना होगा। विद्यार्थियों की भाषा में रुचि निर्माण करनी होगी । इस तरह हिंदी भाषा को केवल प्रचार प्रसार का माध्यम बनाकर उसकी उपयोगिता को बढ़ाना होगा. 

कार्यक्रम के अध्यक्ष  सम्माननीय श्री घनश्याम दादा कुकरेजा ने कहा कि लॉर्ड मेकाले की नीति से लेकर नई शिक्षा नीति में हिंदी को तकनीकी के साथ जोड़ने की अत्यंत आवश्यकता है. आगे उन्होंने कहा कि हिंदी भाषा जहां वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ रही है वही हमारा दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय भी हिंदी भाषा के विकास में अपना पूरा सहयोग दे रहा है.यहां की छात्राएं हिंदी भाषा में अध्ययन करके इस महाविद्यालय का नाम ऊंचाइयों के शिखर पर ले जा रही है. मुझे बहुत खुशी है कि इस वर्ष भी एम.ए.हिंदी की तीन छात्राओं ने मेरिट में स्थान पाकर हमारे कॉलेज का नाम रोशन किया है. जिसमें एक छात्रा कुमारी कल्पना चौरसिया को प्रथम स्थान गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है। 

कार्यक्रम की संयोजिका व महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ  श्रद्धा अनिल कुमार ने अतिथियों का अभिवादन कर सभी को हिंदी दिवस की  बधाई दी। इस उपलक्ष्य में निबंध लेखन व काव्य लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें महाविद्यालय की छात्राओं बड़ी संख्या में न भाग लिया। निबंध का विषय था- मुंशी प्रेमचंद का साहित्य, मेरा प्रिय लेखक, समकालीन प्रासंगिक कोई भी आपकी रुचि का विषय, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदी भाषा की प्रासंगिकता और महत्व। 

कविता लेखन व स्वरचित काव्य का विषय था - हिंदी भाषा, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में हिंदी भाषा की प्रासंगिकता और महत्व और समकालीन प्रासंगिक कोई भी विषय अथवा आपका कोई प्रिय विषय ।निबंध एवं काव्य लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं की घोषणा महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ श्रद्धा अनिल कुमार ने की। निबंध प्रतियोगिता में विजेता छात्राओं में प्रथम पुरस्कार एम. ए. हिंदी प्रथम वर्ष की छात्रा कुमारी चांदनी पांडे, द्वितीय स्थान एम. ए.हिंदी प्रथम वर्ष की छात्रा कुमारी तानिया जयकल्याणी व तृतीय स्थान बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा कुमारी नेहा जारानी ने प्राप्त किया। 

वैसे ही काव्य लेखन प्रतियोगिता की  विजेता छात्राओं में प्रथम स्थान कु.शीतल तुरुकमाने, बी.ए. तृतीय वर्ष (कविता- युग को कलयुग कहने वालों), द्वितीय स्थान बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा कु. प्राची प्रजापति (कविता  - कोरोना के कारण) तृतीय स्थान रुचिका मेश्राम बीकॉम द्वितीय वर्ष (कविता - हिंदी भाषा) ने  प्राप्त किया।
ऑनलाइन आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों मे डॉ.श्रीमती कृष्णा श्रीवास्तव मैडम,  डॉ.हेमलता मिस्र मानवी कवयित्री, श्री जयप्रकाशजी( राजभाषा अधिकारी ), उपस्थित थे.
 
कार्यक्रम का संचालन  डॉ. नीलम हेमंत वीरानी ,अतिथि परिचय डॉक्टर युगेश्वरी  प्रवीण डबली तथा आभार प्रदर्शन छात्रा कु. शीतल तुरुकमाने ने किया.
 
कार्यक्रम के सफलतार्थ दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापिकाओं  और सदस्यों का सहयोग प्राप्त हुआ. समस्त कार्यक्रम का आयोजन आदरणीय प्राचार्या डॉ. श्रद्धा अनिल कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.
समाचार 1517242715330725100
मुख्यपृष्ठ item

ADS

Popular Posts

Random Posts

3/random/post-list

Flickr Photo

3/Sports/post-list