गणेशजी की स्थापना का मुहूर्त...
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॥श्री॥
गणेश जी स्थापना भाद्रपद मासे, शुक्ल पक्ष चतुर्थी, शुक्रवार दि .१०/०९/२०२१
इस दिन गणेशजी की स्थापना
प्रात: चंचल वेला प्रातः ०६:१३ से ०७:४६ तक
लाभ वेला दिवा ०७:४६से ०९:१८ तक
अमूत वेला दिवा ०९:१८से १०:५१ तक
अभिजीत वेला दिवा :- ११:५९ से १२:४८ तक
शुभ वेला दिवा १२:२४ से ०१:५६ तक
चंचल वेला श्याम ०५:०२ से ०६:३४ तक
शास्त्रानुसार गणेश जी का पूजन का समय वृश्चिक लग्न सहित मध्यान्ह काल मनाना चाहिये। वृश्चिक लग्न ओर मध्यान्ह काल (दिवा) दोपहर ११.४१ से ०१.४८ तक प्राणप्रतिष्ठा श्रेष्ठ मानी गयी है। गणेशजी की स्थापना के लिए मध्यकाल सर्वश्रेष्ठ रहता है। इस दिन चित्रा नक्षत्र प्रारंभ होता है। तुला राशी का चंद्रमा है। भद्रा पाताल लोक में है।
भद्रा के विषय में अनेक भ्रांतियाँ है परंतु विद्वान लोग जो ज्योतिष की पूर्ण विद्या ग्रहण किये है वे लोग सभी बातों को जानते है। भद्रा पूरे वर्ष सभी राशीओं पर सभी तीनों लोकों में विचरण करती है। परंतु भद्रा जिस तिथी में जिस समय प्रारंभ होती है उसी समय (४) घडी का दोष मान्य है, इससे ज्यादा कोई दोष मान्य नहीं है। कारण मृत्यु लोक की भद्रा का ही विशेष दोष है।
स्वर्ग लोक, पाताल लोक की भद्रा का दोष मान्य नहीं है। शुक्ल पक्ष हो या कृष्ण पक्ष इसमें कर्क, प सिंह, कुंभ, मी सिंह, कुंभ, मीन राशी के चन्द्रमा रहतें हो तब भद्रा मृत्यु लोक में रहती इसका दोष प्रारंभ में ही ४ घडी का दोष रहता है जिसके पश्चात सभी कार्य कर सकते है। देवी, देवताओं के जन्मोत्सव मनाते है इसका भद्रा से संबंध नहीं रहता। गणेशजी के जन्म का उत्सव है इसको श्रेष्ठ समय में मूर्ति स्थापना करना यही श्रेष्ठ है।
- पंडित करण गोपाल पुरोहित (शर्मा)
विलास नगर गल्ली नबर २ हनुमान मंदिर के पास अमरावती. H. 9049451525, 8669165178
