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राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय का हिन्दी दिवस समारोह सम्पन्न


नागपुर। हिन्दी विभाग, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में हिन्दी दिवस समारोह मनाया गया। इस समारोह के अतिथि वक्ता मुख्य आयकर कार्यालय नागपुर के अनिल त्रिपाठी, सहायक निदेशक (राजभाषा) थे। उन्होंने वैश्वीकरण के दौर में हिन्दी में बढ़ती रोजगार की संभावनाओं पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिन्दी केवल एक बोली नहीं है बल्कि यह जनजीवन की दैनंदिन आवश्यकताओं की पूर्ति का सबसे सशक्त माध्यम है। 

रोजगार के नए क्षेत्रों के अनुरूप हिन्दी को देखने की जरूरत है। दूसरे अतिथि वक्ता पी डब्ल्यू यस कालेज के हिन्दी विभाग प्रमुख डॉ. सुमेध नागदेवे ने हिन्दी की संवैधानिक स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दी इस देश की अस्मिता की पहचान है। हिस्लाप महाविद्यालय के हिन्दी विभाग प्रमुख डॉ. मनोहर कुमार ने अपने वक्तव्य में हिन्दी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग पर बल दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज पाण्डेय ने कहा कि इक्कीसवीं सदी में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और हिन्दी का इसमें विशेष योगदान होगा। आज हिन्दी को बदलते समय-संदर्भ के  अनुरूप ढालने की आवश्यकता है। देश की प्रतिनिधि भाषा होने के कारण हिन्दी की वैश्विक भारत के निर्माण में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होगी। आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हमें हिन्दी को पूरे मनोयोग से ज्ञान- विज्ञान से जोड़ने के लिए संकल्पित होना चाहिए।

इस उपलक्ष्य में निबंध लेखन व भाषण कला सहित कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यापीठ से संलग्न अनेक महाविद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। निबंध का विषय था - "आनलाइन शिक्षा- सीमाएं और विशेषताएं" तथा भाषण प्रतियोगिता का विषय था - "मेरे लिए हिन्दी का महत्व"।

आनलाइन आयोजित इस कार्यक्रम में अनेक महाविद्यालयों के विद्यार्थी एवं प्राध्यापक जुड़े। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संतोष गिरहे ने तथा संचालन डॉ. सुमित सिंह ने किया।
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