विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान के रजत समारोह का समापन
हिंदी को विश्व भाषा बनाने में सबका सहयोग आवश्यक : राज किशोर भारती
नागपुर/पुणे। हिंदी का विकास किसी एक संस्था या व्यक्ति से कदापि संभव नहीं है। इसके लिए जन सहभागिता और हिंदी साहित्य के प्रति समर्पण का भाव आवश्यक है। यही मानसिकता हिंदी को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित कर सकती है।
यह विचार विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज की ओर से प्रयागराज, नैनी स्थित निशा ज्योति संस्कार भारती विद्यालय में आयोजित रजत समारोह के समापन सत्र में संस्थान के संरक्षक राज किशोर भारती ने मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किया।
संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डॉ. शहाबुद्दीन नियाज मुहम्मद शेख, पुणे, महाराष्ट्र ने समारोह की अध्यक्षता की। संस्थान के सचिव डॉ. गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी, प्रयागराज ने हिंदी को वैश्विक पहचान दिलाने में संस्थान के महनीय योगदान को रेखांकित किया।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. शहाबुद्दीन नियाज मुहम्मद शेख, पुणे, महाराष्ट्र ने कहा कि संस्थान अपनी गतिविधियों की निरंतरता के कारण हमेशा सक्रिय रहता है। उन्होंने संस्थान के सभी प्रतिभागी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे संस्थान के उपक्रमों में सदा अग्रभागी रहे। विशिष्ट अतिथि डॉ. उषा किरण, मुजफ्फरपुर, बिहार ने सभी को अपने विचारों से अवगत कराया।
प्रारंभ में विद्यालय की छात्राओं ’ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। तत् पश्चात कवि सम्मेलन में डॉ. मधु शंखधर ’स्वतंत्र’, प्रयागराज, डॉ. मुक्ता कान्हा कौशिक, रायपुर, छ.ग., डा. सुधा सिन्हा, पटना, बिहार, डॉ. अनुसूया अग्रवाल, महासमुंद, छ.ग., श्रीमती पूर्णिमा कौशिक, रायपुर छ.ग., डॉ. पूर्णिमा मालवीय, श्रीमती नूपुर मालवीय, सतीश मिश्रा, प्रयागराज, श्रीमती पुष्पा श्रीवास्तव ’शैली’ रायबरेली, उ.प्र., डॉ. अन्नपूर्णा श्रीवास्तव, श्रीमती संतोष शर्मा ‘शान’ हाथरस, उ.प्र., पूनम रानी शर्मा, कैथल, हरियाणा, डॉ. प्रतिभा कुमारी पराशर, वैशाली, बिहार, लक्ष्मीकांत वैष्णव, चांपा, जाजगीर, छ.ग., संतोष शर्मा ’शान’ सहित बिहार, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के कवियों ने काव्यपाठ किया। अतिथियों ने साहित्यकारों को प्रतीक चिन्हों, महावस्त्र व प्रशस्ति पत्र देकर गौरवान्वित किया।
सम्मान समारोह में संस्थान के अध्यक्ष प्राचार्य डा. शहाबुद्दीन नियाज मुहम्मद शेख, पुणे, महाराष्ट्र को संस्थान को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करने के उपलक्ष्य में संस्थान के सर्वोच्च सम्मान विहिसा सरताज- 2021 से विभूषित किया तथा डॉ. सुनीता प्रेम यादव, औरंगाबाद, महाराष्ट्र को संस्था के प्रचार-प्रसार व योगदान के विशेष सम्मान विहिसा-श्री 2021 से सम्मानित किया गया।।
डा. मुक्ता कान्हा कौशिक, रायपुर, छत्तीसगढ़ को आभासी रजत आयोजन में भूमिका के लिए रजतश्री, श्रीमती पूर्णिमा कौशिक, रायपुर, छ.ग. को संस्थान की प्रतिभा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तथा द्वितीय स्थान का सम्मान कु. जिया रियाज खान, मनसुखभाई कोठारी नेशनल स्कुल, कोंढवा, पुणे, महाराष्ट्र तथा श्रीमती शिखा भारती, नैनी, प्रयागराज को दिया गया।
रजत आयोजन में उत्कृष्ट मंच संचालन के लिए डॉ. मधु शंखधर ’स्वतंत्र’ प्रयागराज, मंच डेकोरेशन के लिए श्रीमती नूपुर मालवीय, प्रयागराज को तथा समारोह व्यवस्था के लिए डॉ. पूर्णिमा मालवीय, प्रयागराज, आयोजन स्थल पर विगत कई वर्षो से व्यवस्था देख रहे डॉ. निगम प्रकाश कश्यप, मिर्जापुर, उ.प्र. जनसंचार का कार्य देखने वाले ईश्वर शरण शुक्ल-प्रयागराज, उ.प्र., सहयोग के लिए संस्थापक सदस्य सदाशिव विश्वकर्मा-प्रयागराज, उ.प्र. को सम्मानित किया गया। आभार ज्ञापन विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सपना गोस्वामी ने किया।
