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पित्रपक्ष में कौवों के दर्शन दुर्लभ

                 


नागपुर। पितृपक्ष सोमवार से शुरू हो चुका है.इस श्राद्ध पक्ष में भी कौवे के दर्शन दुर्लभ है.जिसका मुख्य कारण हैं शहर में बढ़ रहे जगह जगह मोबाइल टॉवरो, ध्वनि प्रदूषण और वृक्षों की कटाई. शहर में कौवों की संख्या काफी कम हो गई है. 

श्राद्ध पक्ष में सर्वप्रथम कौवे को भोज ग्रास निकालने की परंपरा है. ब्राह्मण या कन्या भोजन में भी वे प्रथम कौवे,श्वान और गाय का भोजन दिया जाता है.शास्त्रों में कौवे को यमराज का मित्र बताया गया है. परलोक जा चुके पितरों को कौवे संदेश देने का कार्य करते हैं.अभी शुरुआत के दिनों में कौवे दिखाई नही देने से आने वाली तिथियों में यही स्थिती हो सकती है. 

श्राद्धपक्ष में लोग सुबह से ही अपनी छतों में कौवों के दर्शन पाने व उनकी आवाज सुनने और आवभगत करने की राह देखनी पड़ रही हैं. कौवो के दर्शन अब शहरों में कम ग्रामीण भागों में कही कही हो रहे हैं. शांतिनगर निवासी पं. सुनील शर्मा ने बताया की पितृपक्ष आगामी 6 ऑक्टोम्बर सर्वपितृ अमावस्या तक चलेगा.

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