आपसी सद्भाव और सौहार्द्र से ही प्रगति संभव : पं. रामनारायण मिश्र
नागपुर। 'आपसी भाईचारा, सद्भाव और सौहार्द्र से ही समाज तथा देश की उन्नति संभव है और इसके लिए सभी ने प्रयत्नशील रहना चाहिए' ये विचार थे अखिल विश्व सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पं. रामनारायण मिश्र के जो उन्होंने विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन के लोकप्रिय कार्यक्रम 'संवाद' में साहित्यकार डॉ सागर खादीवाला से खुलकर बातचीत करते हुए व्यक्त किए।
अपनी बाल्यावस्था से लेकर विद्यार्थी जीवन , नौकरी, समाज सेवा, व्यवसाय तथा महासभा की स्थापना तक जीवन यात्रा में आए सभी उतार चढ़ाव , संघर्ष तथा रोचक अनुभवों पर उन्होंने खुलकर बात की। अखिल विश्व सरयूपारीण ब्राह्मण महासभा की स्थापना के उद्देश्य की चर्चा करते हुए उन्होंने महासभा द्वारा भविष्य में किए जाने वाले हॉस्पिटल निर्माण तथा समाजोपयोगी कार्यों आदि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
दर्शकों द्वारा किए गए प्रश्नों का पं. मिश्र ने विस्तार से समाधान किया व आगामी योजनाओं में समाज के प्रत्येक व्यक्ति से सहयोग की अपील की। "संवाद" के संयोजक साहित्यकार डॉ सागर खादीवाला ने पं. मिश्र का अंग वस्त्र, श्रीफल व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सत्कार किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
