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सिंधी समाज के विषयों पर लालवानी की सराहनीय पहल : कुकरेजा


‘बाहि जूं पाड़ूं’ का  ऑनलाइन विमोचन

नागपुर। प्रसिद्व लेखक एवं सिंधी भाषा सलाहकार समिति, साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सदस्य किशोर लालवाणी द्वारा प्रसिद्ध कवि एवं साहित्यकार डा.विनोद आसूदाणी के गज़ल संग्रह ‘बाहि जूं पाड़ूं’ का लिप्यांतरण पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुआ है। जिसका ऑनलाइन विमोचन सिंधुड़ी यूथ विंग के रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत, सिंधुडी यूथ विंग व सुहिंणा सिंधी पूना के संयुक्त तत्वावधान में कर्मयोगी दादा अर्जुनदास कुकरेजा स्मृति में साधना सहकारी बैंक के सौजन्य से फेसबुक पर आयोजित ‘सितारा कला जा’ कार्यक्रम में किया गया। 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के उपाध्यक्ष घनश्याम कुकरेजा, विशेष अतिथि इस पुस्तक के लेखक डा.विनोद आसूदाणी थे। वरिष्ठ रंगमंच कलाकार किशन आसूदाणी, जीतू वज़ीरानी, दीपक त्रिपाठी, हरभगवान नागपाल, कार्यक्रम संचालक वरिष्ठ रंगकर्मी व भारतीय सिंधू सभा अमरावती के अध्यक्ष तुलसी सेतिया, किशोर लालवाणी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

विमोचन समारोह में घनश्याम कुकरेजा ने कहा कि किशोर लालवाणी सिंधी नाटकों की दुनिया का जाना पहचाना नाम है। वह समाज की ज्वलंत विषयों पर नाटक लिखते रहता है। कार्यक्रम केे संचालक वरिष्ठ रंगकर्मी तुलसी सेतिया ने कहा कि इसके पहले भी किशोर लालवाणी की कई पुस्तकें हिंदी और सिंधी में प्रकाशित हो चुकी हैं। हमारी युवा पीढ़ी अरबी सिंधी नहीं पढ़ सकती इसलिए किशोर लालवानी ने इस पुस्तक का देवनागरी लिपी में लिप्यांतरण किया है जिसका लाभ युवा साहित्यकारों एवं पाठकों को मिलेगा। 

डा.विनोद आसूदानी ने कहा कि किशोर लालवानी की नाटकों के अलावा साहित्य की अन्य शाखाओं में भी रूचि है। इसके पूर्व उसने मेरी 16 अंग्रेजी कहानियों का सिंधी में अनुवाद कर ‘बंद लिफाफो’ नामक कहानी संग्रह प्रकाशित करवाया है। अब यह मेरा 2004 में प्रकाशित गज़ल संग्रह देवनागरी सिंधी में लिप्यांतरित करके उसने कविताओं के क्षेत्र में भी कदम रखा है। प्रोग्राम का सफल संचालन तुलसी सेतिया किया।
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