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डा. विनोद आसूदाणी ने दूसरी बार हासिल की पीएचडी


जन्मजात प्रज्ञाचक्षु (नेत्रहीन) के बावजुद जीते हैं 9 गोल्ड मैडल

नागपुर। नगर के सुप्रसिद्ध साहित्यकार, शिक्षाविद्, विद्वान एवं शोधार्थी डा. विनोद आसूदाणी को हाल ही में नागपुर यूनिवर्सिटी द्वारा मनोविज्ञान (Psychology) में पीएचडी प्रदान की गई। इसके पहले भी वे नागपुर यूनिवर्सिटी से ही अंग्रेजी में पीएचडी कर चुके हैं। वे पिछले 25 वर्षों से रामदेवबाबा कमला नेहरु इंजिनीअरिंग काॅलेज में असोसिएटेड प्रोफेसर हैं और अंग्रेजी विषय पढ़ाते हैं। 

उन्होंने जन्मजात प्रज्ञाचक्षु (नेत्रहीन) होने के बावजूद पचास पार की उम्र के पड़ाव तक शिक्षा के क्षेत्र में नौ गोल्ड मेडल प्राप्त किये हैं। वे पाँच भाषाओं के जानकार हैं। वे अंग्रेजी, इतिहास एवं सामाजिक विज्ञान में एम.ए. गोल्ड मेडलिस्ट हैं।  उन्हें यूनिवर्सिटी आॅफ साउथ अमेरिका से डी.लिट और अब दूसरी दफा पीएचडी वो भी मनोविज्ञान (च्ेलबीवसवहल) में। ये लोगों के लिए सपने से कम नहीं हो सकते पर डा. विनोद आसूदाणी ने तो उसे पूरा कर दिखाया है। उन्हें हिंदी और सिंधी साहित्य में लेखन हेतू कई पुरस्कारों से नवाज़ा गया है।
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