गांधी जयंती पर हुई अन्तर्राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी
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नागपुर। गांधी जयंती के उपलक्ष एक भव्य अन्तर्राष्ट्रीय काव्य गोष्ठी आनलाइन झूम पर फेसबुक लाईव पर बहुत ही शालीनता से सम्पन्न हुई। देश विदेश के महान कवि कवियित्रियों का यह कार्यक्रम था जो देश व विदेश में अपने काव्य साहित्यिक गतिविधियों से जाने जाते हैं।
इस भव्य अन्तर्राष्ट्रीय काव्य गोष्ठि को देख वह सुन कर गर्व महसूस हुआ कि हमारे साहित्यिक, विद्धान भारतीय जो विदेश में रहते हैं पर उनका दिल भारत के लिए धड़कता है, वह सब कलम के सैनिक है और उनके दिलों में दहक रही है। साहित्य की प्रचण्ड ज्वाला वे भारतीय थे, है और रहेंगे अपनी भारतीय संस्कृति से वे आज भी लिपटे हुए हैं, भले ही कारणवश उन्हें विदेश में जीवनयापन करना पड़ रहा है।
एक से एक महात्मा गांधी व आजादी पर कविताएं प्रस्तुत की गई। दूर दूर से थे पर समय की परवाह ना करते सुबह तक काव्य प्रेमी अपनी प्रस्तुति देते रहे, आशीष शर्मा डायरेक्टर फाउन्डर ग्लोबल चेयरमैन एवं योगिता शर्मा डायरेक्टर ग्लोबल, प्रेसीडेंट (यूं,एन,आई,) के द्वारा यह काव्यगोष्ठी हुई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दोहा सम्राट रामनिवास मानव, विशेष अतिथि डा. विनोद शर्मा, विशेष अतिथि आत्माराम शर्मा, सुरेश चौधरी ग्लोबल वाईस प्रेसिडेंट, फाइनेंस, मीनाक्षी गांधी रीजनल प्रेसिडेंट, यूं ई,एक, एशिया अतुल कुमार शर्मा, (भारत),रति चौबे भारत) निधि कान्जिला, इंडोनेशिया, सारिका जेठालिया इंडोनेशिया, करूणा राठौर, (यूं,ए ई) शेखर रामकृष्ण (यूंएई) मंजूलिका ठाकुर, आस्ट्रेलिया) शालिनी शर्मा, भारत, शिखा रस्तौगी, थाईलैण्ड, स्मिता विवेक, सिंगापुर, नितिन उपाध्याय, यूएई, भूमि जैन, आस्ट्रेलिया, अभिरक्षा शर्मा, लाक्ष्सी वेदिका गुप्ता, काव्या (यूंएई) सभी प्रबुद्धजनों की प्रस्तुतियां तारीफें काबिल रही।
श्री लंका से आई डा. अंजलि मिश्रा का संचालन बहुत सी सधा हुआ अति प्रभावी रहा, सब को आरंभ से अंत तक बांधे रही। अनीश शर्मा ने गांधी जी के विषय में सारगर्भित अपने विचार प्रकट किए कि हर व्यक्ति में गांधी हो।
रति चौबे ने कहा -'अखंड भारत के, भाल का टीका, अमिट छबि गांधी तेरी, युगयुगांत तेरा नाम रहेगा, आंखों की यह गंगाजली, धो ना पावेगी नाम तेरा, नमन करूं में तुमको गांधी'।