नई टेक्नोलॉजी के साथ बनाए उज्जवल भविष्य : इकबाल बेरा
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उभरते सितारो ने प्रादेशिक भाषाओं के गीत की दी प्रस्तुतियां
नागपुर। विदर्भ हिंदी साहित्य सम्मेलन का नवोदित कलाकारों के लिए उपक्रम 'उभरते सितारे'. जिसके अंतर्गत प्रादेशिक भाषाओं पर आधारित एक शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
यूं तो सभी जानते हैं कि हमारे भारतीय भाषाओं की विशेषता हर 20 कोस पर बदलती जाती है, जो सुनने में मधुर और अपनी सी लगती है. इन्हीं प्रादेशिक भाषाओं में राजभाषा हिंदी के अलावा मराठी, पंजाबी, गुजराती, तमिल, तेलुगू,सिंधी, पंजाबी आदि भाषाओं में कलाकारों ने बढ़िया प्रस्तुतियां दी.
सर्वप्रथम कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सरल हृदय के उत्कृष्ट गायक कलाकार और शिक्षाविद् इकबाल बेरा उपस्थित रहे. इनका स्वागत संयोजक युवराज चौधरी ने किया. अपने संबोधन में उन्होंने बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए, उनकी हिम्मत बढाई और नई टेक्नोलॉजी के साथ उज्जवल भविष्य के लिए अथक परिश्रम करने की ओर जोर दिया.
तत्पश्चात कु. प्रियाली देशपांडे, निधि लालवानी, सोहिनी लूहा, शर्वरी उमाठे, पूर्वा कांबले, किमया नन्हई, पलाश घोड़के, साना गड़पाईले, जूही घोडके, इशिता लालवानी, पल्लवी उधोजी, शुभदा देव, शशिकांत बनकर, योगिता कांबले, देवयानी भगत, रजनी डोंगरे, सुधीर भगत, योगेश खापेकर, मीरा शर्मा, सीमा लूहा और आर्यन डोंगरे ने बेहतरीन प्रस्तुतियां दी.
कु. निधि रेहपाडे, राघव रूंगटा और रुचि रेहपाडे ने बहुत सुंदर नृत्य पेश किया. साथ ही कु. खुशी आटे ने बढ़िया चित्रकारी की. इस अवसर पर अनिपिंडी शर्मा, पवन फुलमाली, रमेश अयर, अर्पिता सोनी, बाबा खान, संतोष बुधराजा, तरुणा गजभिए, कृष्णा कपूर, प्रदीप सोनी, डॉ. करुणा आटे, प्रो. लिपिका चक्रवर्ती आदि ने बच्चों का हौसला बढ़ाया. कार्यक्रम में वैशाली मदारे और घनश्याम नन्हई ने सहयोग किया. कार्यक्रम का संचालन युवराज चौधरी ने किया.