डॉ. गंगाधर वानोडे को 'महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार' से किया सम्मानित
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नागपुर। भारतीय - नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के अध्यक्ष सुरेशचन्द्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ और प्रधान सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने संयुक्त रूप से डिजिटल मंच पर 2 अक्तूबर को महात्मा गांधी अन्तरष्ट्रीय पुरस्कार 2021 प्रदान किये।
कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के परिचय और स्वागत से किया हिन्दी स्कूल नार्वे की संचालक संगीता शुक्ल (ओस्लो), इलाश्री जायसवाल (नोएडा) और संचालन सुवर्णा जाधव (पुणे) ने किया।
मुख्य अतिथि राजेंद्र कुमार तिवारी मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि नेलसन मण्डेला, मार्टिन लूथर किंग की तरह सभी को अनुसरण करना चाहिये। भारत में भी हमने गांधीजी से प्रभावित होकर सबके लिए शौचालय और सफाई अभियान चलाया जो सफल रहा।
उन्होंने कहा कि सुरेशचंद्र शुक्ल के नेतृत्व में जिस तरह भारतीय लोगों को उनके कार्यों को सम्मानित किया गया उससे पुरस्कृत प्रतिभाएँ महात्मा गांधी की अहिंसा और समाज सेवा को अपने-अपने जीवन में अधिक से अधिक अपनाएँगे।
थूरस्ताइन विंगेर ने कहा कि संस्था और और पत्रिका स्पाइल-दर्पण नार्वे में विविध संस्कृतियों के बीच एक सेतु का काम कर रही है, सुरेशचन्द्र शुक्ल के नेतृत्व में स्वयं नार्वे के एक अच्छे लेखक और समाजसेवी की तरह कार्य कर रहे हैं जिन्हें नार्वे के लोग पसंद करते हैं।
महात्मा गांधी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति रजनीश शुक्ल ने कहा कि हम सभी पाँच दिये जलाएँ और अंधकार मिटाएँ। प्रसिद्ध समालोचक प्रो शैलेंद्र कुमार शर्मा और ब्रिटेन में सांसद वीरेंद्र शर्मा ने महात्मा गांधी के जीवन को ही जीने का दर्शन बताया।
सुरेशचंद्र शुक्ल ने कहा कि अहिंसा, सहिष्णुता, सर्वधर्म समभाव और स्वतंत्रता बहुत जरुरी है. उन्होंने कहा कि जब फिल्म गांधी का नार्वे में प्रीमियम था तब नार्वे के राजा उसे देखने गए थे और वह इतने प्रभावित हुए के पूरे देश के स्कूली बच्चों को इसे देखना जरूरी बताया था. दर्शनशास्त्री आर्ने नेस और युहान गालतुंग सहित अनेक लेखकों ने महात्मा गांधी पर पुस्तकें लिखी हैं।
समाज सेवा के लिए मारित नीबाक (पूर्व स्पीकर, नार्वे की पार्लियामेंट), राजेन्द्र सिंह (जल पुरुष), मेधा पाटकर (प्रसिद्ध समाज सेवी), सुमेधा सत्यार्थी (समाज सेवी), हाइकी होल्मोस (पूर्व मंत्री), विश्व प्रसिद्ध पर्वतारोही:बचेंद्री पाल (भारत की पहली एवरेस्ट पर चढ़ने वाली महिला), नुंगशी मालिक और ताशी मालिक (एवरेस्ट सहित 7 पहाड़ियों और दक्षिण तथा उत्तरी ध्रुव की यात्रा करने वाली।)
शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवा के लिए डॉ. रजनीश शुक्ल, कुलपति महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा, डॉ. सुरेंद्र सिंह कुशवाहा (पूर्व कुलपति राँची विश्वविद्यालय और महात्मा गांधी काशी संस्कृत विश्वविद्यालय, प्रो. मोहन कांत गौतम (नीदरलैंड्स), प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह (विभागाध्यक्ष हिंदी, लखनऊ विश्व विद्यालय), डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव (शकुंतला मिश्रा दिव्यांग विश्व विद्यालय), डॉ. गंगाधर वानोडे, क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय हिंदी संस्थान हैदराबाद केंद्र, डॉ. अनिल सिंह, अध्यक्ष हिंदी अध्ययन मंडल, मुंबई विश्वविद्यालय को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार-2021 से सम्मानित किया गया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. सुशील त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ मित्र, राजीव रंजन श्रीवास्तव, संपादक देशबंधु टीवी और देशबंधु समाचार पत्र, नई दिल्ली और सुधीर मिश्र, संपादक, नवभारत टाइम्स, लखनऊ, वीरेंद्र वत्स, वरिष्ठ पत्रकार और कवि और तेज स्वरूप त्रिवेदी, संपादक, संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली को पुरस्कृत किया गया।
नाट्य में योगदान के लिए क्लिफ़ मुस्ताश (नूरदिक ब्लैक थिएटर), ओस्लो, यार्ल सूलबर्ग (नूरदिक ब्लैक थिएटर), ओस्लो, आनन्द शर्मा ( निर्देशक), लखनऊ को पुरस्कृत किया गया।
इस दौरान अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन भी आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता ओम सपरा (पूर्व मेट्रोपोलियन मजिस्ट्रेट और सम्पादक, मित्र संगम मासिक) ने की।