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न्यू भारत काव्यांजलि की ऑनलाइन काव्य गोष्ठी में श्रोता हुए मंत्रमुग्ध



नागपुर। दी न्यू भारत काव्यांजलि द्वारा ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आमंत्रित कवयित्री में संतरा नगरी की श्रीमती रीमा दीवान चड्ढा एवं कवि और रंगकर्मी कृष्ण कुमार द्विवेदी ने अपनी रचनाएँ सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संचालक आदेश जैन ने सुंदर आगाज़ करते हुए सर्वप्रथम रीमा चड्ढा को आमंत्रित किया जिन्होंने प्रकृति, नारी, मौसम और शब्दों पर बात की।
शब्द कविता में वे कहती हैं - 

शब्दो से मत करो 
कोई खिलवाड़ 
बहुत प्यारे है ये
इनसे करो केवल प्यार
या 
प्यार की ही बात।

औरत पर अपनी कविता में रीमा चड्ढा कहती हैं - 

छोटे छोटे पिंजरों में
आज भी है
तोता, मैना, बुलबुल
और
रंगबिरंगी चिड़िया
ग़ौर से देखो
औरत भी है
कुछ बड़े पिंजरे के अंदर।

कविवर कृष्ण कुमार द्विवेदी अपनी ग़ज़ल में कहते हैं - 
जमाने का कैसा चलन आजकल है
मिले सच के बदले कफन आजकल है 

है कलियों को शायद माली से खतरा 
बड़ा सहमा सहमा चमन आजकल है।

दूसरी ग़ज़ल में वे कहते हैं - 
संवर जाएगा तेरा घर धीरे-धीरे
मैं पाऊंगा मंजिल मगर धीरे-धीरे

श्रोताओं ने इस पटल पर मैसेज के माध्यम से खूब सराहना की। इस कार्यक्रम का प्रभावी संचालन संचालन आदेश जैन प्राध्यापक, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर एवं उद्घोषक आकाशवाणी ने किया।
इस कार्यक्रम के सीईओ फाउंडर रवि शुक्ला हैं जिनके प्रयास से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम भूमिका रही। पूनम तिवारी, सुधा विज, सुरभि सिंह, मौली कार, अंजू ठाकुर, राजेश नामदेव आदि बड़ी संख्या में श्रोतागण इस कार्यक्रम से जुड़े रहे।
काव्य 7061514477438514186
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