मनुष्य के सकारात्मक विचार ही सफलता की कुंजी है : वाधनदास तलरेजा
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नागपुर। जीवन के सफर में कई बार हमें कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। किंतु जिस व्यक्ति का दृष्टिकोण सकारात्मक होता है, वह उन परिस्थितियों का डटकर मुकाबला करता है और अपनी मंजिल पा लेता है। मनुष्य के सकारात्मक विचार ही सफलता की कुंजी है।
उपरोक्त उद्गार नागपुर के प्रसिद्ध व्याख्यानकर्ता श्री वाधनदास तलरेजा के थे। वे नगर के सिंधी कलाकारों की संस्था सिंधुड़ी यूथ विंग व सिंधुड़ी सहेली मंच तथा सुहिणा सिंधी पूना के संयुक्त तत्वावधान में फेसबुक पर Attitude is the master key of success विषय पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे थे। उनके प्रेरक व्याख्यान का आयोजन आॅनलाइन किया गया। 1
983 के वल्र्ड कप क्रिकेट का उदाहरण पेश करते हुए उन्होंने कहा कि अंतिम समय में सकारात्मक दृष्टिकोण ने हमें वल्र्ड कप में जीत दिलाई। जिसे हम ता उम्र याद करते रहेंगे। सिंधुड़ी यूथ विंग के संस्थापक संयोजक तुलसी सेतिया के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि झूलेलाल इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नालाजी के निदेशक महेश साधवाणी थे। दयानंद आर्य कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या तेजिंदर ओबेराय, सुहिणा सिंधी पूना के अध्यक्ष पीतांबर पीटर ढलवानी, लेखक किशोर लालवानी विशेष अतिथि के रुप में उपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि महेश साधवाणी ने कहा कि हमें अपने कार्यों, प्रतिक्रियाओं और नकारात्मक सोच को बदलना चाहिये क्योंकि हमारा आत्मविश्वास, हमारा दृढ़ संकल्प और हमारे विचार ही हमारे व्यक्तित्व और जीवन को दिशा देते हैं। कड़ी मेहनत तथा लगन से लक्ष्य पर केंद्रित करें, ‘असंभव’ शब्द को अपने शब्दकोश में जगह न दें तो सफलता हमारे कदम चूमेगी।
तेजिंदर ओबेराय ने दादा वाधनदास तलरेजा के बारे में बताते हुए कहा कि उनकी गिनती नागपुर के प्रमुख समाज सेवकों में की जाती है। सिंधी समाज ही नहीं अन्य समुदायों के लोग भी उन्हें व्याख्यान के लिए बुलाते हैं। नागपुर में उनका नाम एक स्कालर के तौर पर बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। संजीवनी फाउंडेशन द्वारा वे ग़रीबो को मेडिकल सहायता एवं वित्तीय सहायता देकर उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने का कार्य भी दिल खोलकर करते हैं।
सुहिणा सिंधी पूना के अध्यक्ष पीतांबर पीटर ढलवानी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रेरक बातों से ओत प्रोत विचारों को सुनने का इंतज़ार भारत के अलावा अन्य देशों के दर्शर्को को भी रहता है।
अतिथियों का परिचय व आभार प्रदर्शन लेखक किशोर लालवानी ने किया। कार्यक्रम की प्रस्तावना व सफल संचालन तुलसी सेतिया ने किया।