युवा दिवस पर विवेकानंद को किया याद
नागपुर/सावनेर। विश्व विख्यात चिन्तक, संत स्वामी विवेकानंद को स्थानीय अरविंद इंडो पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने उनकी जयंती ऑनलाइन मनायी। स्कूल के प्राचार्य राजेंद्र मिश्रा ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर, दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपने लेख, निबंध, रेखाचित्र, ड्राइंग, पेंटिंग, पोस्टर, स्लोगन स्कूल के साथ साझा किये।
अपने विचारों से लोगों की जिंदगी को रोशन करने वाले स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 में कोलकाता में हुआ था। आइए जानते हैं उनके कुछ विचार और जीवन जीने के सूत्र और प्रेरणादायक विचार जो जीवन में उर्जा भर देते हैं।
'उठो जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाये।'
'संभव की सीमा जानने का केवल एक ही तरीका है असंभव से भी आगे निकल जाना।'
'बुरी बात यह है कि समय कम है, मगर अच्छी बात यह है कि अभी भी समय है।'
'जिस दिन आपके सामने कोई समस्या ना आए आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं'
'जितना कठिन संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी।'
स्कूल के प्राचार्य राजेंद्र मिश्रा ने कहा कि ने कहा कि स्वामी विवेकानंद एक आध्यात्मिक गुरु तथा समाज सुधारक थे। स्वामी विवेकानंद ने पुरोहितवाद, ब्राह्मणवाद, धार्मिक कर्मकांड इत्यादि विसंगतियों को दूर करने का प्रयास किया। वह हमेशा से युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं, उनको स्वामी विवेकानंद नाम रामकृष्ण परमहंस ने दिया था। अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था तथा वेदांत दर्शन का प्रचार एवं प्रसार पूरी दुनिया में किया।
उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की, जो समूचे विश्व में आज भी युवाओं का सफलता पूर्वक मार्गदर्शन कर रहा है। कार्यक्रम के सफलतार्थ श्रीमती वंदना यादव, वंदना बारापात्रे, रंजना ठाकुर, मंजूषा सटकर, निवेदिता कोचे, ने अथक प्रयास किया।