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संपर्क क्रांति परिवार ने 108 प्रतिभाशाली महिलाओं को किया सम्मानित


नागपुर/नई दिल्ली। प्रतिष्ठित 'लता मंगेशकर स्वर कोकिला सम्मान' से देश की छह प्रसिद्ध महिला लोक गायिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा, उद्यमिता, समाज सेवा और अन्य विधाओं में पारंगत 108 महिलाओं को 'राष्ट्र शक्ति शिरोमणि सम्मान' और बालिकाओं को 'राष्ट्र तेजस्विनी सम्मान' से अलंकृत किया गया। इस समारोह का आयोजन भारत के प्रखर राष्ट्रवादी, साहित्यिक, सामाजिक एंव सांस्कृतिक संगठन 'संपर्क क्रांति परिवार' ने मंगलवार को आईएमएस कॉलेज सभागार नोएडा में किया।


समारोह के दौरान संपर्क क्रांति परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव विनायक शर्मा ने बताया कि भारत सर्वोपरि, राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ हमने अपनी मातृ शक्ति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने और उन्हें प्रतिष्ठित पुरस्कार से अलंकृत करने के लिए राष्ट्रीय महिला शिखर सम्मेलन का आयोजन किया है। इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों और दुनिया के अनेक देशों से सैकड़ों प्रतिभाशाली महिलाएं अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंची हैं। 


शर्मा ने आगे बताया कि इस समारोह में 108 से अधिक महिलाओं को सम्मानित किया गया है, शिखर सम्मेलन एवं सम्मान समारोह की अध्यक्षता विश्व विख्यात ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ आचार्य दीदी सरस्वती देवकृष्ण गौड़ ने की इस अवसर पर आचार्य दीदी ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि माँ की कोख में अपने जीवन के लिए संघर्ष करने वाली एक नन्ही सी कली अपनी कामयाबी की कायनात स्वयं लिख सकती है उसे पर फैलाने का जरा सा अवसर दे दो। 


उन्होंने कहा कि ये एक विचित्र विडम्बना है कि सदियों से समाज एक होड़ में लगी हुआ है कि नारी को समानता का अधिकार प्रदान करना है। अरे समानता का प्रश्न ही कहाँ उठता है क्योंकि नारी तो हर स्वरूप में पुरुष से कई गुना अग्रिम पंक्ति पर है। जन्म जननी - सृष्टि धारक को पुरुष के समान कैसे तौला जा सकता है। केवलमात्र मानव जीवन मे ही ये होड़ लगी हुई है अन्यथा आज भी जंगल का राजा कहलाने वाला शेर वृद्ध होकर शिकार में अक्षम हो सकता है लेकिन सिंहनी नहीं।आज भी हाथियों के झुंड का नेतृत्व एक हथिनी करती है, आज भी चींटी हो या मधुमक्खी एक रानी उनका नेतृत्व करती है फिर पुरुष और नारी में ही तुलना क्यों कि जाए। क्यों नहीं पूर्ण समर्पित सत्य से ये स्वीकार कर लिया जाए कि असमान अवसर मिलने के बावजूद भी एक नारी पुरुष से हर रूप में कई गुणा सक्षम और योग्य है।

समारोह के मुख्य अतिथि बनारस घराने के कथक नृत्य शिरोमणि आचार्य जितेंद्र महाराज ने कहा कि इस सृष्टि की कोई भी नारी ऐसी नहीं है जो गुणवान न हो। प्रत्येक नारी में अपना एक विशेष गुण एक विशेष हुनर होता है। असम्भव सी परिस्थितियों को लांघकर भी वो उस हुनर को तराश लेती है। आज इस समारोह में उपस्थित प्रत्येक नारी उन्ही विशेष गुणों से तराशी हुई स्वयंसिद्धा है इसलिए इन 108 मोतियों की गरिमा को बढ़ाने के लिए यहाँ सम्मान प्राप्त करने को उपस्थित है। 

दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल, नोएडा विकास प्राधिकरण सी. ई. ओ. (आई.ए.एस) रितु महेश्वरी, विश्व प्रसिद्ध कालबेलिया नृत्यांगना पद्मश्री गुलाबो सपेरा पद्मश्री शीला झुनझुनवाला, पद्मश्री कमलिनी अस्थाना, पद्मश्री नलिनी अस्थाना, उद्योगपति अनिल मित्तल, उद्योगपति अमित गुप्ता, वरिष्ठ शिक्षाविद परिन सोमानी लंदन वरिष्ठ साहित्यकार चित्रा मुद्गल ने भी अपने विचार रखे तथा आयोजन के भव्यता एवं दिव्यता की भूरी भूरी प्रशंसा और सराहना करते हुए करते हुए महिलाओं के सम्मान में इस आयोजन को अभूतपूर्व ऐतिहासिक बताया। 

पैरा ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता श्वेता शर्मा, इंस्पेक्टर सुजाता कौशिक, सोनिया विरमानी, नलिनी निगम, ललिता निझावन चिदात्मीका कठुवा, डॉ रेनू अग्रवाल, अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षक रिचा गौड़, डॉ शिल्पी गुप्ता शिक्षाविद सोमा सर्बजना, रेखा बोहरा, मोनिका शर्मा, संध्या गुप्ता, सीमा सूरी, माधवी व्यास, आरजे प्रीती मोहन, वंशिका शर्मा, गोल्डी कलेर, डॉ. मंजू गुप्ता डीन आई. एम. एस. कॉलेज, गजल सूफी गायिका सुमन देवगन, राजस्थानी लोक गायिका सीमा मिश्रा, ओलिंपिक पदक विजेता खिलाड़ी श्वेता शर्मा, पूर्वांचली लोक गायिका विजया भारती, नीतू कुमारी नूतन आदि के नाम प्रमुख रुप से शामिल हैं। कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार डॉ. सीमा सूरी ने किया।

शर्मा ने यह भी बताया कि संपर्क क्रांति परिवार ने गायन के क्षेत्र में अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के लिए देश की दिवंगत पार्श्व गायिका लता मंगेशकर की पावन स्मृति में 'लता मंगेशकर स्वर कोकिला सम्मान' की शुरुआत की है, जो आवाज की दुनिया का एक प्रतिष्ठित पुरस्कार बनने जा रहा है। इस सम्मान के प्रथम विजेता के तौर पर पदम भूषण शारदा सिन्हा, पदमश्री मालिनी अवस्थी, गजल सूफी गायिका सुमन देवगन, राजस्थानी लोक गायिका सीमा मिश्रा, पूर्वांचली लोक गायिका विजया भारती और नीतू कुमारी नूतन, सुनीता सिंह चुने गए हैं।

इस अवसर पर लता मंगेशकर स्वर कोकिला सम्मान से सम्मानित की गईं लोक गायिकाओं ने स्वर्गीय लता दी की मधुर आवाज में स्वरबद्ध गीतों को अपनी आवाज में गाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही पारंपरिक शैली में लोकगीतों का भी गायन किया। वहीं, कालबेलिया नृत्यांगना गुलाबो सपेरा ने अपनी 08 वर्षीय पोती तिया सपेरा के साथ मंच पर कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया। जबकि, कथक नृत्य गुरु जितेंद महाराज की शिष्याओं ने पारंपरिक शास्त्रीय नृत्य कथक पेश किया। इन प्रस्तुतियों को दर्शकों से काफी सराहना मिली। इस अवसर पर दिल्ली सरकार में दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में चिकित्सा अधीक्षक के पद पर कार्यरत रहे पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीर सिंह और देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रही।
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