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विद्योत्तमा फाउंडेशन के नागपुर ईकाई का हुआ उद्घाटन


नागपुर। विद्योत्तमा फाउंडेशन, नागपुर ईकाई का उद्घाटन समारोह हाल ही में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नागपुर के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सागर खादीवाला ने की, मुख्य अतिथि विद्योत्तमा फाऊंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबोध मिश्रा नासिक से उपस्थित थे व विशेष अतिथि निखिल बांग्ला साहित्य की केन्द्रीय उपाध्यक्षा श्रीमती मंदीरा गांगुली थी। 


कार्यक्रम का आरंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन व मा सरस्वती को माल्यार्पण कर किया। सरस्वती वंदना श्रीमती मीरा जोगलेकर ने अपने सुरीले कंठ से किया। श्रीमती पूनम मिश्रा ने अतिथियों का परिचय दिया व स्वागत श्रीमती सरोज गर्ग ने किया। मंदीरा गांगुली ने संस्कृति व सभ्यता व शब्द ज्ञान की बाते बताई तो सुबोध मिश्रा ने भाषा का महत्व कितना अनिवार्य है बताया। 

अध्यक्षीय वक्तव्य मे वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. सागर खादीवाला ने समाज में संस्कृति व सभ्यता कही वहीं ऑनलाइन मे हो रहे साहित्यिक कार्यक्रम की चर्चा की। 

कार्यक्रम के दूसरे सत्र का आरंभ सुहानी सहस्त्रबुद्धे के नृत्य से हुआ जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वही गिटार पर अदिती अंबागडे ने अपने वाद्ययंत्र पर गीत छेडकर वाहवाही लूटी तो नन्ही सृष्टि झाडे ने पियानो पर सुरताल जमाकर सबका दिल जीत लिया। रश्मि मिश्रा का नृत्य ने समां बाधा तो 72 वर्षीय छबि चक्रवर्ती ने 'लागा चुनरी मे दाग' इस गीत पर नृत्य कर सबने खडे होकर तालियों से उनका स्वागत किया। किरण हटवार का बिहू नृत्य की अनोखी छटा से आसाम जैसा माहोल बना दिया। 

अंचल के वरिष्ठ व्यंग्य रचनाकार अनिल मालोकर की रचना ने सबको हंसने के लिए मजबूर कर दिया। वरिष्ठ गजलकार माधुरी राउलकर ने अपनी गजल से व वरिष्ठ साहित्यकारा सुधा राठौड़ ने एक वासंति गीत से माहौल काव्यात्मक हो गया। मीरा जोगलेकर ने कोकिल कंठी लता दीदी को श्रध्दांजलि उनके ही गीत से दी। तो वही रुबी दास ने अपनी सशक्त रचना जो रूस - यूक्रेन युध्द पर आधारित थी पढकर माहोल को संवेदनशील कर दिया। 

कार्यक्रम मे उमा हरगन, निर्मला पांडे, उल्का अंबागडे, कृष्णकुमार द्विवेदी, छबि शुक्ला, पुष्पा पांडे, संतोष बुध्दराजा, पीयूष मिश्रा, वरिष्ठ साहित्यकार संतोष पांडे बादल, अनिल मालोकर, राष्ट्र पत्रिका के संपादक कृष्ण नागपाल, पावर ऑफ वन के संपादक नीरज श्रीवास्तव, पूनम तिवारी, मीना तिवारी, प्रेरणा व प्रतीची सहस्त्रबुद्धे, श्री गांगुली, झाडे दंपत्ति, अंबरीश जोगलेकर और लक्ष्मीजी उपस्थित थे। 

रंगोली सज्जा हर्षु वायुकर ने की व आभार प्रर्दशन विद्योत्तमा के उपाध्यक्ष जयप्रकाश सूर्यवंशी ने किया व संस्था की प्रस्तावना नागपुर इकाई के अध्यक्ष रामकृष्ण सहस्त्रबुद्धे ने दी। वरिष्ठ साहित्यकार अविनाश बागडे ने पूरे कार्यक्रम को अपने संचालन से एक सूत्र मे बांधे रखा।
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