सावधानी से त्यौहार मनाए जाने की जरूरत
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टीकाकरण के बाद खानपान पर नियंत्रण जरूरी
नागपुर (आनंदमनोहर जोशी)। वर्ष २०१९ के दिसंबर माह से लेकर वर्ष २०२०, २०२१ के अंत तक गंभीर महामारी कोविड़ अब २०२२ में खात्मे की ओर रुख कर रही है। नागपुर शहर में पिछले दिन जिलास्तर पर १० से ११ मरीज शहर और ग्रामीण भाग में महामारी से संक्रमित पाए गए। नागपुर जिले में अब तक कुल ५,७७,६२५ लोग संक्रमित मिले। अब तक नागपुर जिले में प्रारंभ से वर्तमान तक १०,३,३७ लोग महामारी का शिकार हो चुके है। नागपुर जिले में रविवार तक कुल ४६ लोग स्वस्थ हुए। प्रारंभ से अब तक कुल ५,६७,१५५ संक्रमित ठीक हुए। सक्रिय मरीजों की संख्या में भी कमी आ रही है।
रविवार को नागपुर जिले में १३३ सक्रिय मरीज में से शहर के ९०, ग्रामीण के ४० और जिले के बाहर के ३ संक्रमित है। ४३ मरीज अस्पतालों में और ९० होम आइसोलेशन में है। नागपुर शहर के एम्स मे ८, मेडिकल में ३ और मेयो हॉस्पिटल में ८ संक्रमितों का उपचार चल रहा है। अब जबकि नागपुर सहित राष्टीय स्तर पर कोवीड महामारी की जॉच कम कर दी गई है। विश्व स्तर पर कोवीड महामारी से मारनेवाले मरीजों की संख्या ५९,९६,८८२ तक हो चुकी है। कुछ दिनों में यह ६० लाख संख्या तक हो जायेंगी। अभी विश्व के दो देश यूक्रेन और रूस के युद्ध की ओर सभी देशों का ध्यान है। जब कि महामारी अभी सम्पूर्ण रूप से खत्म नहीं हुई है।
राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित कोविड महामारी की तीसरी लहर की आशंका से बनाए विशेष अस्पताल और बेड भी हटाए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर समाचार पत्रों और टी वी चैनल पर कोरोना महामारी के समाचार भी अचानक गायब होते जा रहे है। युद्ध के समाचार के साथ मनोरंजन के समाचार को टीआरपी देने की होड़ सी मची हुई है। साथ ही सोमवार को पांच राज्यों में हो रहे चुनाव प्रचार, वोटिंग भी खत्म हो चुकी है। भारत के साथ विश्व के देशों की निगाहें यूक्रेन, रूस, अमेरिका, नाटो और भारत देश की तरफ लग गई है। पिछ्ले कुछ माह से विश्व स्तर पर अनेक देश में महामारी का प्रकोप कम होने से मास्क पहनना कम हो रहा है। पूरी तरह से अनेक स्थानों पर सैनिटाइजर का प्रयोग भी धीरे धीरे खत्म हो रहा है। अब तो उचित दूरी का पालन, गर्म पानी, काढ़ा, दवाई का सेवन भी कम हो गया है। धीरे धीरे जिन्दगी फिर पटरी पर लौट रही है।
भारत जैसे देश में दो साल बाद देश के अलग अलग धर्म के नागरिक अपने त्यौहार को मनाने की राह भी देख रहे है। वसंत ऋतु के आगमन के बाद होली के त्यौहार की जोरदार तैयारियां व्रज, मथुरा, बरसाना के साथ भारत के अनेक राज्य में हो रही है। फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा समय समय पर महामारी से निपटने और सावधानी के निर्देश दिए जा रहे है। अब महामारी अपने अंतिम चरण में है। सभी देशवासियों को सावधानी से त्यौहार मनाए जाने की जरूरत है। आजकल के समाचार पत्रों में ३९, ४२, ४३ से लेकर ६० वर्ष से कम आयु के नागरिकों के अचानक हृदयाघात होने पर निधन से महामारीकाल में सावधानी भी जरूरी है। विशेष रूप से टीकाकरण के बाद खानपान पर नियंत्रण अतिआवश्यक है।