प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम को नमन
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नागपुर/सावनेर। स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि पत्रकार, राजनीतिज्ञ एवं शिक्षाविद भी थे। 11 नवंबर को उनके जन्मदिन के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा मनाया जाता है। कलाम ने देश में शिक्षा के ढांचे में सुधार का सपना देखा था। उनका जन्म सऊदी अरब में हुआ था। उनके पिता अफगान मूल के थे एवं मां एक अरब थीं।
मात्र 2 वर्ष की उम्र में वे माता - पिता के साथ कलकत्ता आ गए। उन्होंने पारंपरिक इस्लामी शिक्षा हासिल की पहले अरबी, फिर फारसी सीखी और फिर दर्शन ज्यामिति, गणित और बीजगणित की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने स्व- अध्ययन के माध्यम से अंग्रेजी, इतिहास और राजनीति सीखी।
हिंदू - मुस्लिम एकता को बढ़ावा देने के लिए दो साप्ताहिक पत्रिकाओं की शुरुआत की। सरकार ने दोनों ही पत्रिकाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में सेवा प्रदान करने वाले सबसे कम उम्र के नेता थे। तब उनकी आयु मात्र 35 वर्ष थी।
उन्होंने जो जामिया मिल्सिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की स्थापना की। उनके कार्यकाल में 'आय आय टी' की नींव रखी गई। संगीत नाटक अकादमी, ललित कला अकादमी, साहित्य अकादमी के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद का निर्माण हुआ। स्कूल ने बड़ी सादगी से उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया। अरविंद इंडो पब्लिक स्कूल ने प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद को श्रद्धांजलि अर्पित की।